कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरु

  • 11 अक्तूबर 2009
उद्धव ठाकरे और मनोहर जोशी
Image caption महारष्ट्र में शिव सेना और भाजपा सत्ता विरोधी लहर का दावा कर रही है.

महाराष्ट्र, हरियाणा और अरूणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए सुबह सात बजे से मतदान शुरु हो गया है.

लोकसभा चुनाव के चार माह बाद हो रहे इन विधानसभा चुनावों के नतीजों पर मुख्य राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हुई हैं.

चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष तीरके से चुनाव संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं.

तीनों राज्यों में सबसे बड़ा महाराष्ट्र है जहां 288 सीटों के लिए सात करोड़ 56 लाख से ज़्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

यहां कांग्रेस- राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन सत्ता में है. लोकसभा चुनाव में भी इस गठबंधन ने कुल मिलाकर बढ़िया प्रदर्शन किया था लेकिन शिव सेना- भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने महँगाई और सुरक्षा से जुड़े मुद्दा उठाकर मतदाताओं का दिल जीतने की कोशिश की है.

तीनों राज्यों में मतगणना 22 अक्तूबर को होगी.

हरियाणा- अरुणाचल

Image caption विदर्भ में किसानों की समस्याएँ मुख्य मु्ददा है

शिव सेना से नाता तोड़ने के बाद राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) भी विधानसभा चुनाव में दमखम के साथ उतरी है.

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और उनके मंत्रिमंडल के 37 सदस्यों सहित साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा उम्मीदवार चुनावों में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. इनमें 1820 निर्दलीय उम्मीदवार और 211 महिला उम्मीदवार शामिल हैं.

हरियाणा में एक करोड़ बीस लाख से ज्यादा मतदाता विधानसभा के 90 सदस्यों के निर्वाचन के लिए मत डालेंगे. यहां कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा विकास के आधार पर दोबारा चुने जाने का दावा कर रहे हैं.

विपक्ष बिखरा हुआ है. भाजपा और इंडियन नेशनल लोक दल का गठबंधन टूट चुका है. भाजपा अकेले चुनाव लड़ रही है.

अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा की 60 सीटें हैं जिन पर 150 से ज़्यादा उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू समेत तीन सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार