माओवादियों के बंद के दौरान हिंसा

माओवादी
Image caption पिछले कुछ महीनों में नक्सली हिंसा में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

भारत के पांच राज्यों में नक्सलियों ने दो दिन के बंद का आह्वान किया है और इसके दौरान हिंसा की ख़बरें हैं.

नक्सलियों ने झारखंड में कुछ रेल लाईनों को नष्ट कर दिया है जिससे रेल यातायात बाधित हो गया है. राज्य के अधिकतर राजमार्गों पर गाड़ियों का आवागमन ठप है.

ग्रांड ट्रंक रोड पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है लेकिन बसों और ट्रकों की आवाजाही बहुत कम देखी जा रही है. राज्य के अन्य सड़क मार्ग भी सुनसान हैं.

बिहार के औरंगाबाद ज़िले में भी माओवादियों ने सड़क अवरुद्ध कर दिया है जिससे यातायात बाधित हो गया है.

इतना ही नहीं पैनएम कंपनी के दो अधिकारियों की भी सुबह में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इसमें नक्सलियों का हाथ है या नहीं.

झारखंड में बंद का व्यापक असर देखा गया है और राजधानी रांची के आसपास का इलाक़ा पूरी तरह से बंद है. राज्य के अन्य इलाक़ों में भी बंद का असर देखा जा रहा है.

रांची से बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने बताया कि जमशेदपुर रांची हाईवे पूरी तरह से बंद है और धनबाद में कुछ स्थानों पर ट्रकों में आग लगा दी गई है जिससे सड़क यातायात में भी मुश्किलें आ रही हैं.

माओवादियों ने हालांकि पांच राज्यों बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और उड़ीसा में बंद रखा है लेकिन बताया जाता है कि बंद को बिहार और झारखंड में पूर्ण रुप से लागू करने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

नक्सलियों ने ये बंद कथित पुलिस जुल्मों के ख़िलाफ़ रखा है. लातेहार और खूंटी में माओवादियों के पोस्टर मिले हैं जिसमें गृहमंत्री चिदंबरम और सोनिया गांधी को धमकी दी गई है और कहा है कि माओवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर रोक लगाई जाए.

पिछले कुछ समय में नक्सली हमलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और केंद्र सरकार ने नक्सलियों से सख्ती से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को निर्देश भी दिए हैं.

हाल ही में महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों ने हमला कर पुलिस बल के 17 जवानों को मार डाला है जबकि इससे पहले नक्सलियों ने एक पुलिस अधिकारी को झारखंड में गला रेतकर मार डाला था.

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