राजे पर निर्णय नहीं ले सकी भाजपा

वसुंधरा राजे सिंधिया
Image caption वसुंधरा राजे राज्य में और दिल्ली में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुकी हैं

राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे के इस्तीफ़े के मसले पर भाजपा कोई निर्णय नहीं ले सकी है.

गुरुवार को संसदीय बोर्ड की तीन घंटे चली बैठक के बाद सिर्फ़ यह निर्णय लिया जा सका कि वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज अब वसुंधरा राजे से चर्चा करके उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए राज़ी करें.

पार्टी ने लोकसभा चुनावों में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद वसुंधरा राजे को अपने पद से इस्तीफ़ा देने को कहा था. पहले तो उन्होंने इस्तीफ़ा देने से ही इनकार कर दिया था और अपने समर्थन में विधायकों को जुटाकर शक्तिप्रदर्शन करने में लग गई थीं. बाद में वे इस्तीफ़ा देने के संकेत देने लगीं थीं लेकिन यह कभी नहीं बताया कि वे इस्तीफ़ा कब देंगीं.

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया कई बार अपने समर्थक विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन कर चुकी हैं.

इससे पहले पार्टी ने अपने पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू को यह ज़िम्मेदारी सौंपी थी कि वे वसुंधरा राजे को इस्तीफ़ा देने के लिए राज़ी करें लेकिन वे इसमें सफल नहीं हुए. इसलिए अब यह ज़िम्मेदारी सुषमा स्वराज को सौंपी गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस बैठक के लिए वसुंधरा राजे को भी बुलवाया गया था लेकिन उन्होंने यह कहकर आना टाल दिया कि उनके मामले में चर्चा कर रहे वेंकैया नायडू ही नहीं हैं.

वेंकैया नायडू इस समय देश से बाहर हैं.

संकेत हैं कि 22 अक्तूबर को इस मामले पर फिर से चर्चा की जाएगी.

उसी दिन तीन राज्यों के चुनाव परिणाम आने वाले हैं और चुनाव परिणामों पर चर्चा के लिए संसदीय बोर्ड की बैठक बुलवाई गई है.

गुरुवार को संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी तो मौजूद थे लेकिन वेंकैया नायडू के अलावा मुरली मनोहर जोशी, गोपीनाथ मुंडे और बाल आप्टे मौजूद नहीं थे.

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