आईआईटी का रास्ता और कठिन

  • 20 अक्तूबर 2009
छात्र
Image caption अभी आईआईटी के लिए 12 वीं में 60 फ़ीसदी अंक लाना ज़रूरी है.

मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए बारहवीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य किया जा सकता है.

फिलहाल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को बारहवीं में न्यूनतम 60 फीसदी अंक होना ज़रूरी है.

मानव संसाधन मंत्री का कहना है कि न्यूनतम योग्यता की सीमा बढ़ाना इसलिए ज़रूरी है ताकि तेज़ी से बढ़ रहे कोचिंग व्यवसाय पर लगाम लगाया जा सके.

उन्होंने कहा कि 12 वीं में ज़्यादा अंक लाने की बाध्यता रहने पर बच्चे स्कूलों में ज़्यादा ध्यान देंगे.

उनका कहना था कि कोचिंग सेंटर प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर जोर देते हैं इसिलए छात्र बारहवीं की पढ़ाई पर उतना ध्यान नहीं देते.

हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह का फ़ैसला आईआईटी की सलाह से ही लिया जाएगा.

2011 के बाद आयोजित होने वाली परीक्षाओं की नई रूप रेखा तैयार करने के लिए सरकार ने आईआईटी के निदेशकों की एक समिति बनाई है.

कपिल सिब्बल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का कहना है कि न्यूनतम योग्यता बढ़ाने का फैसला समिति लेगी.

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