नमूना हासिल करने का निर्देश

  • 20 अक्तूबर 2009

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो को निर्देश दिया है कि वो भविष्य निधि घोटाले के मुख्य अभियुक्त आशुतोष अस्थाना के आंत के नमूने हासिल करे.

आशुतोष अस्थाना की ग़ाज़ियाबाद के जेल में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.

जस्टिस डीके जैन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई को कहा है कि वो ये नमूने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसिस को भेज दें ताकि आशुतोष अस्थाना की मौत के कारणों का पता चलाया जा सके.

बेंच ने ये भी निर्देश दिया है कि मौत के कारणों की जाँच कर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट अपनी रिपोर्ट आठ हफ़्तों के अंदर रिपोर्ट सौंप दें. पीटीआई के मुताबिक कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस से कहा है कि वो इस मामले से जुड़े गवाहों और अभियुक्तों को सुरक्षा प्रदान करे. आरोप लगाया था कि इस घोटाले में कथित तौर पर कुछ जज भी शामिल हैं.

ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने ज़िला अदालत के 69 कर्मचारियों और अन्य लोगों को सरकारी धन के ग़बन, धोखाधडी और भ्रष्टाचार के आरोप मे गिरफ़्तार करके जेल भेजा था.

घोटाला

तृतीय और चौथी श्रेणी के कर्मचारियों की भविष्य निधि कोश में धाँधली के आरोप में आशुतोष अस्थाना को अप्रैल 2008 में गिरफ़्तार किया गया था .वे ग़ाज़ियाबाद कोर्ट में अधिकारी थे.

पूछताछ के दौरान उन्होंने घोटाले के सिलसिले में 36 जजों का नाम लिया था.

इनमें एक जज सुप्रीम कोर्ट का, दो उच्च न्यायालयों के 11 जज हैं जिनमें कुछ सेवा में हैं और कुछ रिटायर हो चुके हैं और ज़िला जज और अतिरिक्त ज़िला जज के स्तर के 24 अन्य जज के नाम शामिल बताए गए हैं.

दरअसल यह मामला एक लंबे अरसे तक सुनियोजित रूप से हो रहे भ्रष्टाचार का है.

इसमें करीब 80 से ज़्यादा वर्ग- तृतीय और चौथी श्रेणी के कर्मचारियों तथा कई फर्ज़ी कर्मचारियों के नाम से जीपीएफ़ खाते से पैसा निकाला गया.

दर्ज मामले में कहा गया है कि कर्मचारी भविष्य निधि यानी जीपीएफ़ खाते से फ़र्जी नामों से बड़ी धनराशि निकाली गई है और उनके लिए विभिन्न बैंकों में फ़र्जी खाते खोले गए जिनमें स्टेट बैंक से आए चैकों का भुगतान किया गया.मामले की जाँच सीबीआई कर रहा है.

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