आंध्र प्रदेश में छापे, 11 करोड़ ज़ब्त

  • 21 अक्तूबर 2009
भारतीय रुपये
Image caption 11 करोड़ रुपये अब तक किसी एक छापे में ज़ब्त होने वाली सबसे बड़ी राशि है

आंध्र प्रदेश में आयकर विभाग ने गुंटूर ज़िले में साबुन बनाने के एक कारख़ाने और उसके मालिक के घर पर छापे मार कर 11 करोड़ रूपये से ज़्यादा की राशि ज़ब्त की है.

आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह राशि खोखली दीवारों और छत में छुपाकर रखी गई थी. कुछ नोटों के बंडल रसोई घर से भी मिले हैं.

आयकर विभाग के महानिदेशक (अन्वेषण) एसपी स्वयं ने कंपनी या उसके मालिक का नाम बताए बिना कहा है कि पिछले दो महीने से उस जगह की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी. जिससे प्राप्त जानकारी के आधार पर सौ सदस्यों के दल ने एक साथ कारख़ाने से जुड़े कई जगहों पर छापे मारे.

उनका कहना है कि छानबीन जारी है क्योंकि अभी भी संपत्ति और ज़मीन का पूरा ब्यौरा हासिल नहीं हो सका है.

एसपी स्वयं का कहना है कि कारख़ाने के मालिक ने काला धन जमा करने की बात स्वीकार करते हुए बताया है कि उसने तमिलनाडु में तीन सौ एकड़ भूमि और गुंटूर ज़िले में कई दूसरी जायदादें खरीदी थीं और यह काम क़रीब दस वर्ष से चल रहा था.

टैक्स चोरी

छानबीन से यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में बनने वाला साबुन बिना किसी बही खाते और दूसरे रिकॉर्ड के ही बाज़ार में भेजा जा रहा था और फैक्ट्री मालिक व्यापारियों को चेक के बजाय नक़द भुगतान के लिए कहते थे ताकि टैक्स चोरी में आसानी हो सके.

अब तक किसी एक छापे में ज़ब्त होने वाली यह सबसे बड़ी राशि है. इससे पहले जयपुर में एक शेयर दलाल के यहाँ से 10 करोड़ की राशि मिली थी जबकि विशाखापट्नम में एक निर्माण कंपनी से तीन करोड़ से ज़्यादा की राशि ज़ब्त की गई थी.

स्वयं ने बताया कि इस वर्ष अब तक आयकर विभाग ने आंध्र प्रदेश में 32 छापों में 115 करोड़ के काले धन का पता लगाया है और 30 करोड़ की राशि ज़ब्त की है. यह छापे निर्माण कंपनियों, शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों, टेलीकॉम कंपनियों में मारे गए थे.

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