बयान से पीछे हटे सिब्बल

कपिल सिब्बल
Image caption सिब्बल ने कहा है कि कोई भी फ़ैसला आईआईटी ही करेगा

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है कि सिर्फ़ उन्हीं छात्रों को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने दिया जायेगा जो बारहवीं में 80 प्रतिशत लाएंगे.

कल इस तरह की खबरें आईं थीं कि मानव संसाधन मंत्री ने कहा है की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने की अनिवार्यता को बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाना चाहिए.

देश के कई इलाकों जैसे बिहार में राजनीतिक नेताओं और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस प्रस्ताव पर विरोध प्रकट किया था.

कपिल सिब्बल ने नए प्रस्ताव की ख़बरों को 'आधारहीन' बताया है.

उन्होनें कहा कि इस मामले में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है और ऐसी ख़बर आधारहीन हैं जिसमें यह कहा जा रहा है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए बारहवीं में 80 फ़ीसदी नंबर लाना ज़रूरी है.

उनका कहना था कि इस मामले में सिर्फ़ यही फैसला लिया गया है कि आईआईटी समिति जेईई परीक्षा को तर्क संगत बनाने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करेगी.

कपिल सिब्बल ने कहा कि यह मामला सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है और इसीलिए मानव संसाधन मंत्रालय इस मामले में प्रत्यक्ष या परोक्ष तरीके से किसी तरह का कोई फ़ैसला नहीं ले सकता न ही कोई प्रस्ताव दे सकता है.

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