महाराष्ट्र, अरुणाचल में कांग्रेस, हरियाणा त्रिशंकु

  • 23 अक्तूबर 2009

महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया है लेकिन हरियाणा में कांग्रेस स्पष्ट जनादेश से दूर है.

अब सारे परिणाम आ चुके हैं और स्थिति स्पष्ट है कि महाराष्ट्र और अरुणाचल में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनेगी.

हरियाणा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है लेकिन उन्हें स्पष्ट बहुमत के लिए छह सीटें और चाहिए. पार्टी नेता मान रहे हैं कि बहुमत की व्यवस्था हो सकती है.

कुछ निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है.

पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव से बातचीत

महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे अधिक 288 सीटें थीं जहां कांग्रेस ने 82 सीटें जीती हैं. कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 62 सीटें जीत ली हैं और गठबंधन को कुल 144 सीटें मिली हैं.

राज्य में विपक्षी गठबंधन यानी बीजेपी-शिवसेना को 90 सीटें मिली हैं जिसमें से बीजेपी को 46 सीटें और शिवसेना को 44 सीटें मिली हैं.

महाराष्ट्र में कांग्रेस का मुख्यमंत्री

पिछले चुनावों में भी कांग्रेस गठबंधन का बहुमत था हालांकि इस बार गठबंधन में कांग्रेस की सीटें बढ़ी हैं और एनसीपी की सीटें कम हुई हैं.

माना जा रहा है कि राज्य में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने बीजेपी शिवसेना गठबंधन को नुकसान पहुंचाया है. मनसे को 13 सीटें मिली हैं. जबकि समाजवादी पार्टी को चार सीटें मिली हैं.

कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बना रही है.

अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश में भी कांग्रेस को अकेले ही स्पष्ट बहुमत मिल गया है.

अरुणाचल के मुख्यमंत्री से बातचीत

मुख्यमंत्री खांडू दोरज़ी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 60 में 42 सीटें जीत ली हैं और माना जा रहा है कि दोरज़ी ही अगले मुख्यमंत्री बनेंगे.

अरुणाचल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पाँच सीटें मिली हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस को पाँच सीटें मिली हैं.

भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटें मिली हैं जबकि अन्य उम्मीदवार पाँच सीट पर जीते हैं.

हरियाणा

हरियाणा में कांग्रेस को उम्मीद के अनुरुप परिणाम नहीं मिले हैं और पार्टी स्पष्ट बहुमत नहीं ला पाई है. हालांकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रुप में सामने ज़रुर आई है.

हरियाणा में कौन जीता कौन हारा

पिछले चुनावों में 67 सीट लाने वाली कांग्रेस को इस बार 40 सीटें मिली हैं. 90 सीटों की विधानसभा में कांग्रेस को बहुमत के लिए पाँच और सीटें चाहिए.

हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व वाली इंडियन नेशनल लोकदल को 31 सीटें मिली हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी को चार सीटें, हरियाणा जनहित कांग्रेस को छह और अन्य को सात सीटें मिली हैं.

अब कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवारों पर निर्भर कर सकती है. वैसे कुछ निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है.

वैसे तो कांग्रेस का दावा है कि उसे छह निर्दलीय विधायक मिल गए हैं लेकिन ख़बरें आ रही हैं कि कांग्रेस से अलग हुए भजनलाल के बेचे कुलदीप बिश्नोई की पार्टी से भी कांग्रेस संपर्क साधने का प्रयास कर रही है.

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