अपह्रत पुलिस अधिकारी रिहा हुए

  • 22 अक्तूबर 2009
नक्सल
Image caption नक्सलियों ने झारखंड में एक पुलिस अधिकारी को अपहरण के बाद मार डाला था.

पश्चिम बंगाल में माओवादियों ने 14 आदिवासी महिलाओं को मिली ज़मानत के बाद अपह्त पुलिस अधिकारी अतिंद्रनाथ दत्ता को रिहा कर दिया है.

माओवादियों ने सरकार से बातचीत में आदिवासी महिलाओं की रिहाई की मांग की थी. यह मांग पूरी हो जाने के बाद अतिंद्रनाथ को रिहा कर दिया गया.

इससे पहले दिन में माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ़ किशनजी ने वादा किया था कि अतिंद्रनाथ दत्ता को छोड़ दिया जाएगा लेकिन उनका कहना था कि जिस जगह दत्ता को रखा गया है उसे पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने घेर रखा है जिसके कारण रिहाई में दिक्कतें हो रही हैं.

उनका कहना था, पुलिस को लड़ाई रोकनी होगी और दत्ता की रिहाई के बाद हमारे साथियों को सुरक्षित रास्ता देना होगा. अगर सबकुछ ठीक रहा तो हम आज ही दत्ता को रिहा कर देंगे.’’

पूर्व में माओवादियों का समर्थन करने वाली 14 आदिवासी महिलाओं को लालगढ़ से गिरफ़्तार किया गया था लेकिन गुरुवार को उनकी ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने ज़मानत का विरोध नहीं किया.

मंगलवार को माओवादियों ने मिदनापुर के सखरैल पुलिस थाने पर हमला कर एक पुलिस अधिकारी को मार डाला था जबकि दत्ता को अपने साथ ले गए थे. इस घटना में दो पुलिसकर्मी मारे गए थे.

बुधवार को राज्य सरकार ने माओवादियों से बातचीत शुरु की थी और दत्ता की रिहाई के बदले 14 आदिवासी महिलाओं को रिहा करने पर रज़ामंदी हुई थी.

हालांकि इस बीच ज़िला पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सखरैल के आसपास के इलाक़े को घेर लिया था और तलाशी अभियान शुरु कर दिया था.

इससे पहले झारखंड में माओवादियों ने एक पुलिस अधिकारी की गला काटकर हत्या कर दी थी जिसके कारण दत्ता के अपहरण के बाद चिंताएं बढ़ गई थीं.

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