'कश्मीर में वार्ता का माहौल बन रहा है'

  • 28 अक्तूबर 2009
Image caption मनमोहनसिंह ने कश्मीर के सभी गुटों से बातचीत की पेशकश की है

भारत प्रशासित कश्मीर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले लोगों से बातचीत करने की जो पेशकश की है, उसे जानकार मान रहे हैं कि कश्मीर को लेकर बातचीत की ज़मीन तैयार की जा चुकी है.

कश्मीर मामलों के कई जानकार जो इस मुद्दे पर बातचीत की कोशिशों में शामिल हैं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहल को स्वागत योग्य बता रहे हैं.

कश्मीर मे कई पदों पर काम कर चुके और भारत के मुख्य सूचना आयुक्त रहे वजाहत हबीबुल्ला कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने जो आज कश्मीर में कहा है उससे साफ़ है कि बातचीत की ज़मीन तैयार है.

बातचीत की पहल

इसके अलावा वो मानते हैं की राज्य के ज़्यादातर अलगाववादी गुट भी बातचीत का मन बना चुके हैं.

हबीबुल्ला कहते हैं की असल में परदे के पीछे तो कश्मीर मुद्दे पर बातचीत चल ही रही थी और इसके संकेत गृहमंत्री पी चिदंबरम अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान दे चुके हैं.

चिदंबरम ने अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान कहा था कि कश्मीर समस्या पर बातचीत चल रही है पर ख़ामोशी से.

इसके अलावा वजाहत हबीबुल्ला कहते हैं कि पिछले दिनों एक सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने बातचीत पर सहमति जताई थी.

इसके अलावा जानकार मानते हैं कि कश्मीर मे हिंसा मे कमी आई है और वहाँ पर एक चुनी हुई सरकार है जिस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता इसलिए ये बेहतरीन समय है जब बातचीत का रास्ता खोला जाए.

हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान की तरफ एक बार फिर जो दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, उसे बातचीत की तैयारी माना जाए, जानकार कुछ ठोस कहने की स्थिति मे नज़र नही आते.

वजाहत हबीबुल्ला कहते हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह निस्संदेह पाकिस्तान से बातचीत चाहते हैं, पर इस मामले में कई अड़चनें हैं. वो मानते हैं कि इन अड़चनों को दूर करने में कुछ समय लग सकता है.

लेकिन जानकार मानते हैं कि जहाँ तक सवाल कश्मीर का है, पाकिस्तान के साथ इस मु्द्दे पर बातचीत को एक बार फिर से शुरु करने में कुछ समय अवश्य लग सकता है, पर कश्मीर में जो अलग अलग गुट हैं उनसे बातचीत जल्दी ही शुरु हो सकती है.

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