जयपुर: तेल डिपो में भीषण आग,सेना बुलाई गई

राजस्थान में जयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के डिपो में भीषण आग लग गई है. घटनास्थल सीतापुरा के आसपास लगभग तीन किलोमीटर का औद्योगिक और रिहायशी इलाक़ा इससे प्रभावित हुआ है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटे लगभग 50 मीटर तक उठी हैं. जयपुर और उसके आसपास कई किलोमीटर तक धुँए के बादल देखे जा रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जयपुर में अस्पताल सूत्रों ने चार दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. प्रशासन के मुताबिक लगभग 50 लोगों को घायल स्थिति में ज़िले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है.

इनमें से 18 घायल लोगों को शहर के सवाई मानसिंह अस्पताल में, 20 को महात्मा गांधी अस्पताल में और कम से कम दस लोगों के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. जयपुर के सभी अस्पतालों को प्रशासन ने अलर्ट रहने को कहा है.

जयपुर के ज़िलाधीश कुलदीप रांका ने बीबीसी को बताया, "आग के कारण जान-माल का ख़ासा नुक़सान हुआ है. पूरा प्रशासन बचाव कार्य में लगा हुआ है. घटना की पूरी जानकारी ली जा रही है. सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता लोगों के जानमाल की रक्षा को बचाने की है. "

जैसे ही आग की सूचना मिली, हर तरफ़ अफ़रातफ़री मच गई. हर कोई बेचैन होकर इधर-उधर भागने लगा. मैं भी आग वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान की ओर भागा. अब कुछ घंटे हो गए हैं लेकिन अभी भी बदहवासी का आलम है

प्रत्यक्षदर्शी मुकेश

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है, "ये बहुत ही भीषण आग है. मैंने केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा से बात की है. मथुरा रिफ़ाइनरी से विशेषज्ञों को बुलाया गया है और बचाव कार्यों में सेना से मदद माँगी गई है." उन्होंने अस्पतालों का दौरा कर घायलों से बातचीत की और रोगियों के मुफ़्त इलाज़ के आदेश दिए है.

धमाका हुआ फिर लपटें उठने लगीं

चश्मदीदों के मुताबिक पहले बड़ा धमाका हुआ और आग की ऊँची लपटें उठने लगीं और मकानों में कंपन जैसा सुनाई दी. पुलिस ने सीतापुरा के औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी इलाक़े में रह रहे लोगों को चेतावनी दी कि और धमाके हो सकते हैं और लोग वहाँ से बाहर निकलने लगे. पूरे इलाक़े की घेरा बंदी कर दी गई.

प्रशासन ने लोगों से अपने घर छोड़ कर इलाक़ा खाली करने की हिदायत दी. प्रभावित इलाक़े में लोगों में अफ़रा-तफ़री मच गई

तेल के जलने के कारण पैदा हुई कार्बन डाईऑक्साइड और कार्बन मॉनॉक्साईड गैसों से अनेक लोग बेचैनी की शिकायत कर रहे हैं.

शहर के पुलिस अधीक्षक जोस मोहन ने बीबीसी को बताया, "पहले 13 और फिर कई और एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. शहर की लगभग सारे अग्निशमन दस्ते घटनास्थल पर पहुँचे हुए हैं."

ये बहुत ही भीषण आग है. मैंने केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा से बात की है. मथुरा रिफ़ाइनरी से विशेषज्ञों को बुलाया गया है और बचाव कार्यों में सेना से मदद माँगी गई है

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

दमकल कर्मी आग को नियंत्रण करने की कोशिश में जुटे हैं. अधिकारियों ने कहा है कि फ़िलहाल आग लगने के कारणों के बारे में कुछ भी पुख़्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता.

जयपुर के मुख्य फ़ायर ऑफिसर ईश्वर चंद का कहना है, "हमारी पच्चीस गाड़ियाँ काम में जुटी हैं. लेकिन मुश्किल तेज़ लपटों से है जिसके कारण तापमान काफ़ी बढ़ गया है और तीन सौ फुट के दायरे में जाना मुश्किल है. हम इंतज़ार कर रहे हैं जैसे ही लपटें कम होंगी हम आग पर नियंत्रण पा लेंगे."

'चारो तरफ़ अफ़रा-तफ़री'

प्रभावित इलाक़े के क़रीब ही एक फ़ैक्ट्री में का कर रहे कारिगर मुकेश ने बीबीसी को बताया, "जैसे ही आग की सूचना मिली, हर तरफ़ अफ़रातफ़री मच गई. हर कोई बेचैन होकर इधर-उधर भागने लगा. मैं भी आग वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान की ओर भागा. अब कुछ घंटे हो गए हैं लेकिन अभी भी बदहवासी का आलम है."

घटनास्थल के आधा किलोमीटर दूर रहने वाले इलाक़े के निवासी किशोर ने बीबीसी को बताया, "जैसे ही आग की ख़बर फैली वहाँ कोहराम मच गया. मेरे एक परिचित प्रभावित इलाक़े के बहुत ही क़रीब रहते हैं. वो सूचना मिलते ही अपने परिजनों की हालात के बारे में चिंतित होकर अपने घर की ओर चल पड़े, लेकिन चारों तरफ़ लोग इधर-उधर भाग रहे थे और फिर वे पता नहीं अपने घर पहुँच पाए या नहीं. चारों ओर स्थिति ख़ौफ़नाक है."

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