बहुआयामी रणनीति की ज़रूरत: मनमोहन

  • 29 अक्तूबर 2009

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीनगर में कहा है कि भारत में नक्सलवाद से निपटने के लिए बहुआयामी नीति अपनानी होगी.

एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि एक तरफ़ तो ये क़ानून व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है और क़ानून व्यवस्था लागू करनी होगी.

पर साथ ही प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि जनजातीय लोगों तक विकास नहीं पहुँचा है और वे अलग-थलग महसूस करते हैं और इस भावना को दूर करने की ज़रूरत है. मनमोहन सिंह का कहना था कि इसी मिली-जुली नीति को अपनाकर नक्सलवाद से निपटा जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने भारत-पाकिस्तान रिश्तों का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच सार्थक बातचीत के लिए पाकिस्तान को चरमपंथी तत्वों को नियंत्रण में करना होगा.

पत्रकार वार्ता में बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये कोई शर्त नहीं है लेकिन बातचीत के मकसद से अनुकूल माहौल बनाने के लिए ऐसा करना ज़रूरी है.

मनमोहन सिंह बुधवार को कश्मीर के दो दिन के दौरे पर आए थे. यात्रा के पहले दिन उन्होंने वहाँ 18 किलोमीटर लंबी अनंतनाग-काजीगुंड रेलवे लाइन का उदघाटन भी किया था.

गुरुवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने फिर उम्मीद जताई कि दोस्ती का जो हाथ उन्होंने पाकिस्तान की ओर बढ़ाया है, पाकिस्तान भी सकारात्मक जवाब देगा. उन्होंने एक दिन पहले अपने भाषण में कहा था कि वे व्यापार, लोगों की आवाजाही, अमन और विकास के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं.

उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया कि भारत पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तालेबान की मदद कर रहा है. साथ ही उन्होंने मुंबई हमलों पर पाकिस्तान के क़दमों पर अंसतोष जताया.

विकास ज़रूरी

प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जम्मू कश्मीर को विकास की दौड़ में आगे आना होगा और इस संबंध में उन्होंने कुछ घोषणाएँ भी कीं. उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र काफ़ी महत्वपूर्ण हैं और सर्दियों में जम्मू कश्मीर को 500 मेगावाट बिजली दी जाएगी.

उन्होंने दल झील के उत्थान के लिए 350 करोड़ रुपए की घोषणा भी की. मनमोहन सिंह ने कहा कि युवा मामलों के मंत्रालय की ओर से बड़ी संख्या में स्वंयसेवकों को रखा जाएगा जो पर्यटन समेत दूसरे क्षेत्रों में प्रशासन की मदद करेंगे.

अनंतनाग और सोपोर जैसे शहरों में बुनियादी ढाँचे को दुरुस्त करने के लिए भी प्रधानमंत्री ने विशेष धनराशि की घोषणा की है.

दिल्ली लौटने से पहले उन्होंने कहा कि वे अपने कश्मीर दौरे से संतुष्ट हैं.

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