'बांध बनाने से चीन का इनकार'

निरुपमा राव, विदेश सचिव-भारत

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा है कि चीन की ओर से ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाए जाने से साफ़तौर पर इनकार किया गया है.

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ओर से चीन के समक्ष ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है लेकिन चीन बार बार ऐसी किसी भी गतिविधि से इनकार करता आ रहा है.

भारत मीडिया में प्रकाशित ख़बरों में बताया गया है कि चीन ने अपनी सीमा क्षेत्र में स्थित ब्रह्मपुत्र नदी पर यारलुंग ज़ांगबो इलाके में निर्माण कार्य किया है.

ऐसी ख़बरें पहले भी मीडिया के ज़रिए सामने आती रही हैं और भारत की ओर से चीन के समक्ष यह सवाल उठाया भी गया है.

बुधवार को यह सवाल फिर उठा तो मीडियाकर्मियों से बातचीत में निरुपमा राव ने कहा, केवल एक बार नहीं, बल्कि कई मौकों पर भारत ने यह मुद्दा चीन के सामने उठाया है. चीन ने हर बार कहा है कि उनकी ओर से ब्रह्मपुत्र नदी पर ऐसा कोई काम नहीं किया जा रहा है.

राजनीतिक मुद्दा

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की आसियान के दौरान मुलाक़ात में भी यह मुद्दा उठा था.

भारत ने चीन की ओर से ऐसे किसी निर्माण कार्य के बारे में दूसरे पक्ष से जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा था. चीन ने साफतौर पर ऐसे किसी निर्माण कार्य से इनकार किया था.

हालांकि निरुपमा राव ने बुधवार को यह भी कहा कि भारत सरकार चीन के साथ आने वाले दिनों में सभी प्रमुख मुद्दों पर एक बेहतर रणनीति के तहत समाधान का रास्ता खोजेगी.

उन्होंने कहा कि सीमा रेखा से लेकर कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर काम करने की ज़रूरत है और आशा जताई कि भविष्य में इस दिशा में ज़्यादा मज़बूत प्रयास किए जाएंगे.

निरुपमा राव से तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर चीन की प्रतिक्रिया का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दोनों देशों की बीच संबंधों में कोई तनाव नहीं है और पिछले कुछ दिनों के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई बैठकों से ऐसा स्थापित भी होता रहा है.

संबंधित समाचार