दलाई लामा के स्वागत की ज़ोरदार तैयारी

तवांग

तिब्बतियों के धार्मिक गुरु दलाई लामा की एक झलक पाने के लिए बौद्ध धर्म के हज़ारों अनुयायी अरुणाचल प्रदेश के तवांग शहर में इकट्ठा हो रहे हैं.

चीन के विरोध के बावजूद दलाई लामा रविवार को तवांग पहुँच रहे हैं. तवांग में दलाई लामा के स्वागत की जम कर तैयारी हो रही है.

लोग ट्रक पर लद कर और कई मील की पैदल यात्रा करके तवांग पहुँच रहे हैं ताकि वे अपने धार्मिक गुरु की एक झलक पा सकें.

दलाई लामा चीन की सीमा से लगे तवांग की एक सप्ताह की यात्रा पर आ रहे हैं. दलाई लामा की यात्रा को लेकर भारत और चीन के बीच कूटनीतिक विवाद भी चल रहा है.

वर्ष 1962 से ही पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है. चीन ने दलाई लामा की यात्रा को लेकर अपना विरोध जताया था और भारत से मांग की थी कि वह दलाई लामा की तवांग यात्रा पर रोक लगाए.

आरोप

चीन दलाई लामा पर यह आरोप लगाता रहा है कि वे तिब्बत की आज़ादी की मांग करते हैं जबकि तिब्बत उसका अभिन्न अंग है.

Image caption तवांग में दलाई लामा के स्वागत की तैयारी चल रही है

जबकि भारत इस बात पर ज़ोर देता है कि दलाई लामा उसके अतिथि हैं और देश के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं.

दलाई लामा की तवांग यात्रा इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह तिब्बत के काफ़ी क़रीब है. क़रीब 50 वर्ष पहले दलाई लामा तिब्बत छोड़कर भाग गए थे, जब वहाँ चीनी सैनिकों ने मार्च किया था.

वर्ष 1962 में भारत और चीन के बीच हुई लड़ाई के बीच तवांग भी कुछ समय के लिए युद्ध का केंद्र रहा था. उसके बाद से ही भारत ने यहाँ सैनिकों की संख्या बढ़ा दी थी.

भारत और चीन के बीच दलाई लामा की यात्रा को लेकर कूटनीतिक विवाद जो भी हो, तवांग के लोग इसे बेफ़िक्र नज़र आते हैं.

तवांग में मौजूद बीबीसी संवाददाता संजॉय मजूमदार का कहना है कि शहर में उत्सव जैसा माहौल है. शहर की गलियाँ तिब्बती झंड़ों से पटी हुई हैं और लोग दलाई लामा की यात्रा को लेकर काफ़ी उत्साहित हैं.

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