कोड़ा पेश होंगे दिल्ली में

Image caption रविवार को अस्पताल से छुट्टी के बाद मधु कोड़ा की गिरफ़्तारी की बात चल रही थी.

प्रवर्तन निदेशालय नें झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को 13 नवंबर को दिल्ली में विभाग के सामने पेश होने का निर्देश दिया है.

मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों पर सरकारी धन के दुरूपयोग का आरोप है और इस सिलसिले में 8 अक्तूबर को प्रवर्तन निदेशालय नें कोड़ा और उनके मंत्री मंडल के सहयोगियों- कमलेश सिंह, भानुप्रताप साही और बंधू तिर्की सहित आठ लोगों के खिलाफ "प्रीवेंशन ऑफ मनी लौन्डरिंग एक्ट" की विशेष अदालत में मामला दर्ज किया गया था.

प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग नें मिलकर मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों के 70 ठिकानों पर छापामारी की थी और उसके बाद मधु कोड़ा से पूछताछ की जा रही थी.

इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री नें तबियत खराब होने की शिकायत की थी और उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भरती कराया गया था.

रविवार को अस्पताल से मधु कोड़ा को छुट्टी मिल गयी और उनकी गिरफ्तारी की संभावनाएं प्रबल हो गयीं. लेकिन प्रवर्तन निदेशालय नें उन्हें 13 नवंबर तक विभाग के समक्ष उपस्थित होने को कहा है.

कोड़ा फिलहाल रांची स्थित अपने सरकारी मकान में आराम कर रहे हैं.

मधु कोड़ा नें आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से एक दिन का समय माँगा है.

रविवार देर शाम आयकर विभाग के अतिरिक्त निदेशक (अनुसंधान) अजित श्रीवास्तव नें कहा कि देर शाम मधु कोड़ा से मिलने विभाग के अधिकारी उनके सरकारी आवास पहुंचे तो उन्होंने यह मोहलत मांगी.

अजित श्रीवास्तव का कहना है: "मधु कोड़ा नें कहा कि वोह अस्पताल से आये हैं और उन्हें कम से कम एक दिन का समय सँभलने के लिए चाहिए. उसके बाद मधु कोड़ा नें वादा किया है कि वो छान बीन में सहयोग करेंगे."

कागज़ात बरामद

इस बीच प्रवर्तन निदेशालय नें मधु कोड़ा के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे कमलेश सिंह, भानु प्रताप साही और बंधू तिर्की से भी दिल्ली में विभाग के सामने पेश होने का निर्देश दिया है.

इस मामले में कोड़ा के निजी सचिव (सरकारी) हरेन्द्र सिंह और गैर सरकारी सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव से आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं.

शनिवार को आयकर विभाग के विशेष आयुक्त अजय कुमार भी रांची पहुंचे. अजय कुमार हवाला मामलों की जांच के विशेषज्ञ माने जाते हैं.

छानबीन के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा "कई कागजात बरामद हुए हैं जिनकी जांच चल रही है".

वहीं आयकर विभाग के अतिरिक्त निदेशक (अनुसंधान) अजित श्रीवास्तव का कहना है कि वर्ष 2004 से लेकर अबतक झारखण्ड सरकार द्बारा जितनी खदानें आवंटित की गयीं हैं उनकी जांच चल रही है.

उन्होंने बताया कि मधु कोड़ा के सचिव के अलावा तीन अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ कि जा रही है. उनका कहना है कि इन लोगों के संबंध मधु कोड़ा और उनके मित्र विनोद सिन्हा से रहे हैं. इनमे भीम सिंह और बसंत भट्टाचार्य शामिल हैं.

प्रवर्तन निदेशालय नें विनोद सिन्हा के भाई विकास सिन्हा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.

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