एमएनएस के चार विधायकों पर कार्रवाई

  • 9 नवंबर 2009
राज ठाकरे
Image caption एमएनएस के नेता मराठी के पक्ष में बयानबाजी करते रहे हैं

महाराष्ट्र विधानसभा में हिंदी में शपथ लेने वाले अबू आज़मी के साथ हाथापाई के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी एमएनएस के चार विधायकों को चार वर्षों के लिए निलंबित कर दिया गया है.

इन चारों विधायकों ने सोमवार को सदन के भीतर जम कर हंगामा किया था.

ये समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी के हिंदी में शपथ लेने का विरोध कर रहे थे. एमएनएस विधायकों ने उन्हें शपथ लेने से रोका और उनके साथ हाथापाई की.

इन पर एक महिला विधायक के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगा है.

महाराष्ट्र के संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने चारों विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा जिसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया.

हालाँकि इस दौरान विपक्षी शिव सेना - भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के सदस्य अनुपस्थित रहे.

हर्षवर्धन पाटिल ने एमएनएस के चार विधायकों शिशिर शिंदे, राम कदम, रमेश वंजाले और वसंत गीते के आचरण को निंदनीय बताया और कहा कि इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची.

तोड़-फोड़

महाराष्ट्र विधानसभा में हुई घटना का असर सड़कों पर भी दिखा. अबू आज़मी के साथ हाथापाई के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने भिवंडी में कई बसों और दुकानों पर पथराव किया.

पुलिस ने गुस्साई भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया. स्थिति तनावपूर्ण होता देख दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं.

उधर विधायकों के निलंबन के विरोध में एमएनएस कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए.

ठाणे के कलावा में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने अबू आज़मी के पुतले जलाए. पुणे में कुछ जगहों पर उन्होंने पथराव भी किया.

इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.

एमएनएस के नेता राज ठाकरे ने पहले ही बयान जारी कर सभी विधायकों से मराठी में शपथ लेने को कहा था और तभी आशंका जताई जा रही थी कि हिंदी में शपथ लेने पर एमएनएस विधायक हंगामा कर सकते हैं.

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