मुलायम ने कल्याण से किया किनारा

मुलायम सिंह यादव
Image caption मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश में पार्टी को फिर मज़बूत करना चाहते हैं

उत्तर प्रदेश में उपचुनाव में मिली शिकस्त के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि कल्याण सिंह न तो कभी उनकी पार्टी में थे और न ही आगे कभी उन्हें पार्टी में लाया जाएगा.

शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, " मैं आज और कई बार पहले भी कह चुका हूँ कि कल्याण सिंह न समाजवादी पार्टी में थे और न ही हम उन्हें लेंगे."

सपा प्रमुख ने कहा कि इसमें किसी तरह की गलतफ़हमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि कल्याण सिंह भी खुद कह चुके हैं कि वे किसी पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं.

वैचारिक मतभेद

भाजपा के पूर्व नेता कल्याण सिंह के साथ दोस्ती के बारे में पूछे जाने पर मुलायम सिंह ने कहा कि वैसे तो कांग्रेस भी सपा की दोस्त है, जिसकी सरकार उन्होंने बचाई थी.

उन्होंने कहा, "राजनीति में हमारा कोई दुश्मन नहीं है, हमारे सिर्फ़ वैचारिक मतभेद हैं."

आगरा में सपा के सम्मेलन में कल्याण सिंह के साथ मंच पर एक साथ बैठने के सवाल पर मुलायम सिंह ने कहा कि अगर कोई अपनी इच्छा से मंच पर आना चाहता है तो वो किसी को नहीं रोक सकते.

मुलायम ने कहा, "मैं मानता हूँ कि कल्याण को सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता भेजा गया था, लेकिन शायद वो भूल से भेजा गया था."

ये पूछे जाने पर कि लोकसभा चुनाव में सपा ने एटा सीट पर कल्याण सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव क्यों नहीं लड़ा, मुलायम सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने रायबरेली और अमेठी सीट पर भी चुनाव नहीं लड़ा था.

हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा और फ़िरोज़ाबाद लोकसभा सीट के उपचुनाव में सपा की हार हुई थी.

फ़िरोज़ाबाद सीट से मुलायम सिंह की पुत्रवधू डिंपल यादव चुनाव मैदान में थीं. कांग्रेस के उम्मीदवार और फ़िल्म अभिनेता राज बब्बर ने उन्हें 85 हज़ार से अधिक वोटों से शिकस्त दी.

संबंधित समाचार