माओवादियों ने किया बंद का आह्लान

  • 19 नवंबर 2009
माओवादी
Image caption माओवादियों ने इससे पहले अपने एक साथी की रिहाई के लिए उड़ीसा-पश्चिम बंगाल की सीमा पर राजधानी एक्सप्रेस को रोक लिया था

झारखंड में माओवादियों या नक्सलवादियों ने गुरुवार को आधी रात से चौबीस घंटे बंद का आह्वान किया है.

वे अपने एक साथी अशोक महतो को अदालत में पेश किए जाने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने अशोक महतो को गिरफ़्तार कर लिया है और अदालत में पेश नहीं कर रही है.

माओवादियों ने कहा है कि यदि अशोक महतो को इस बंद के बाद भी अदालत में पेश नहीं किया जाता है तो 29 और 30 नवंबर को दो दिनों का बंद रखा जाएगा.

इसके बाद भी मांग नहीं माने जाने पर माओवादियों ने 10 से 16 दिसंबर तक बंद रखने की धमकी दी है.

उल्लेखनीय है कि इस समय राज्य में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और 25 नवंबर को पहले चरण का चुनाव होना है. पाँच चरणों में होने वाले चुनाव 18 दिसंबर तक चलने वाले हैं. मतगणना 23 दिसंबर को होनी है.

माओवादियों ने विधानसभा चुनावों के बहिष्कार की धमकी दी है और अब वे चुनाव के समय बंद रखने की धमकी दे रहे हैं.

बंद को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल इकाई ने अलग-अलग बयान जारी किए हैं.

इस बीच गढ़वा से पीयूसीएल ने एक बयान जारी करके कहा है कि जंगल के इलाक़े में 'सुरक्षा बलों की छापामारी कार्रवाई' जारी है और इसकी आड़ में ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है.

झारखंड के गढ़वा, चतरा, पलामू, पूर्वी और पश्चिमी सिंघभूम, राँची, खूंटी, गुमला, गिरिडीह और बोकारो इलाक़े में माओवादियों का बड़ा प्रभाव है.

इन इलाक़ों में माओवादियों के बंद का ख़ासा असर दिखता रहा है और हिंसा की घटनाएँ घटती रही हैं.

इस बीच राज्य में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है और झारखंड की छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से लगी सीमा को सील कर दिया गया है.

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