'मनमोहन पाकिस्तान का मुद्दा उठाएंगे'

मनमोहन-ओबामा
Image caption मनमोहन सिंह भारत-अमरीका परमाणु मुद्दे के पहलुओं पर भी बात करेंगे

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी अमरीका यात्रा के दौरान पाकिस्तान की भूमि से कथित तौर पर सक्रिय चरमपंथी गुटों का मुद्दा उठाएँगे. हालाँकि भारत के इन आरोपों का पाकिस्तान खंडन करता आया है.

भारतीय प्रधानमंत्री शनिवार को अमरीका जा रहे हैं. शुक्रवार को भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव से पूछा गया कि क्या चरमपंथी के मुद्दे पर भारत अमरीका के ज़रिए पाकिस्तान पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा?

निरुपमा राव का कहना था, "हम पाकिस्तान की भूमि से सक्रिय आतंकवादी गुटों का मुद्दा उठाएँगे. हमने हमेशा इस बात पर ज़ोर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का तंत्र ख़त्म करे. अमरीका हमारी चिंताएँ पूरी तरह समझता है."

मनमोहन सिंह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें बराक ओबामा ने राष्ट्रपति बनने के बाद बतौर राजकीय अतिथि व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है.

उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब मुंबई हमलों का एक साल पूरा हो रहा है लेकिन पाकिस्तान में इसकी जाँच में ठोस प्रगति नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि अमरीका के साथ आतंकवाद के ख़िलाफ़ सहयोग का विस्तार करना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एजेंडे पर है. इस यात्रा के दौरान इस दिशा में नए सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं.

परमाणु समझौता

भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते के संदर्भ में भारत उम्मीद कर रहा है कि मनमोहन सिंह की इस यात्रा के दौरान परमाणु समझौते से जुड़ी कुछ अड़चनों को दूर कर लिया जाएगा.

दोनों देशों के बीच लीइसेंसिग, जवाबदेही क़ानून और पुनर्संस्करण जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञ स्तर की वार्ता चल ही रही है.

इस पर निरुपमा राव का कहना था, "इस समझौते का क्रियान्वयन एक लंबी चलने वाली प्रकिया है. हमारा प्रतिनिधिमंडल पुनर्संस्करण और लाइसेंसिग पर सहमति बनाने के लिए अमरीकी अधिकारियों के साथ मिलजुल कर प्रयास कर रहा है."

उन्होंने माना कि अभी इसमें समय लगेगा और मनमोहन सिंह के दौरे के बाद भी बातचीत चलती रहेगी.

प्रधानमंत्री इस यात्रा में राष्ट्रपति बराक ओबामा के अलावा अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स से भी मिलेंगे और भारतीय मूल के अमरीका निवासियों से भी मुलाकात करेंगे.

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