माओवादियों ने मांगी माफ़ी

हमले में क्षतिग्रस्त ट्रेन
Image caption हमले में कई ट्रेन यात्री घायल हुए हैं

झारखंड में माओवादियों के एक शीर्ष नेता समरजी ने रेल पटरी उड़ाने की घटना पर दुख व्यक्त किया है और झारखंड की जनता से माफ़ी मांगी है.

बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसा ग़लती से हो गया.

उन्होंने यह तो स्वीकार किया कि उनके ही साथियों ने रेल पटरी उड़ाई है लेकिन उनका कहना है कि ऐसा भूलवश हुआ है और वे आगे से इसका ख़्याल रखेंगे कि निर्दोष लोगों की मौत न हो.

घाघरा स्टेशन के निकट रेल पटरी उड़ाए जाने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है और 47 लोग घायल हुए हैं.

माओवादियों के नेता समरजी ने कहा, "जो भी हुआ वो ग़लती से हुआ. बंद के दौरान हमारे कुछ साथियों ने ऐसा किया. हमारी पार्टी का ऐसा उद्देश्य नहीं था. हम निर्दोष लोगों को निशाना नहीं बनाते."

उन्होंने कहा कि रेल पटरी को उड़ाने की पहले की कोई योजना नहीं थी. उन्होंने इस घटना पर अफ़सोस व्यक्त किया है.

मांग

माओवादियों ने झारखंड में अपने नेता अशोक मेहता को अदालत में पेश किए जाने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है.

बंद गुरुवार मध्यरात्रि से चल रहा है. माओवादियों का कहना है कि पुलिस ने उनके नेता को अगवा कर लिया है और अगर 24 घंटे के अंदर उनके नेता को अदालत में पेश नहीं किया गया तो 29 और 30 नवंबर को 48 घंटे का बंद आयोजित किया जाएगा.

माओवादियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी सरकार नहीं चेती, तो 10 से 16 दिसंबर तक एक सप्ताह का बंद रखा जाएगा.

झारखंड में बंद का आह्वान ठीक विधानसभा चुनाव के समय हो रहा है. झारखंड के चौबीसों ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित हैं और इन इलाक़ों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

माओवादियों के बंद के आह्वान से राज्य में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

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