माओवादी भी आतंकवादी हैं: गृह सचिव

भारतीय गृह सचिव जी के पिल्लई
Image caption भारतीय गृह सचिव का कहना था कि उनकी माओवादियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है

भारतीय गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा है कि भारत में सक्रिय 'माओवादी आतंकवादी हैं और ये सहानुभूति के पात्र नहीं हैं.'

झारखण्ड में एक रेल पर हुए नक्सली हमले को एक कायरतापूर्ण काम बताते हुए गृह सचिव पिल्लई ने यह भी साफ़ किया कि माओवादियों के खिलाफ़ हवाई हमले का इस्तेमाल नहीं होगा.

समाचार एजेंसियों के अनुसार चार दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संकेत दिए थे कि चालक रहित विमान द्वारा माओवादियों के ठिकानों पर हमले किए जाएंगे.

झारखण्ड की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा "सीपीआई (मावोवादी) एक आतंवादी संगठन है. आतंकवादियों और माओवादियों में कोई अंतर नहीं है. वे रेलवे स्टेशनों, रेलगाड़ियों, मोबाइल टावर्स और स्कूलों को अपना निशाना बनाते हैं... मेरी उनके प्रति कोई सहानुभूति नहीं है."

पिल्लई ने माओवादियों पर आरोप लगाया, "माओवादियों को चीन, बांग्लादेश और बर्मा से हथियार मिल रहे हैं." साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माओवादियों को किसी सरकारी एजेंसी से हथियार मिलने की बात उन्होंने नहीं कही है.

हिंसा हल नहीं: सोनिया गाँधी

झारखण्ड के चुनावी दौरे पर गईं कोंग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी कहा कि नक्सलवाद राज्य के लिए के बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा के ज़रिए नहीं हो सकता.

कोंग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "समस्या के समाधान के लिए अहिंसा ही एकमात्र मार्ग है. कोंग्रेस का मानना है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से और बातचीत के ज़रिए ही हो सकता है."

सोनिया गाँधी ने दावा किया कि कोंग्रेस पार्टी सभी के हितों की रक्षा करेगी और सभी समस्याओं का समाधान ढूंढेगी.

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