माओवादियों ने रेल पटरी उड़ाई

हमले में क्षतिग्रस्त ट्रेन
Image caption हमले में कई ट्रेन यात्री घायल हुए हैं

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में माओवादियों ने रेल पटरी को विस्फोट करके उड़ा दिया है. इससे एक

टाटा-बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं.

इस हादसे में कम से कम दो व्यक्तियों की मौत हुई है और 47 घायल हुए हैं. दूसरी ओर हिंसा की अन्य घटनाएं भी हुई हैं.

राज्य में माओवादियों ने बंद का आह्वान किया गाया है और ग्रामीण इलाक़ों में इसका ख़ासा असर देखा जा रहा है.

रेलमंत्री ममता बैनर्जी ने बताया है कि दस डिब्बों वाली इस ट्रेन के इंजिन सहित तीन डिब्बे पलट गए जबकि पाँच अन्य पटरी से उतर गए.

रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है.

माओवादियों ने यह हमला गुरुवार की रात अपना बंद शुरु होने के बाद किया है.

अन्य घटनाएं और बंद

पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के गेइलकेरा थाना अंतर्गत दारोग़ा साई गाँव के 20 ग्रामीणों को माओवादियों ने अग़वा कर लिया है. बताया जाता है कि ये ग्रामीण शांति सेना के सदस्य हैं.

एक अन्य घटना में माओवादियों ने जमशेदपुर से राँची आ रही एक बस पर तमाड़ के पास गोलीबारी की है, जिससे बस को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है. इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं हैं.

झारखंड में माओवादियों ने अपने एक साथी अशोक महतो को अदालत में पेश किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार की रात से 24 घंटों के बंद का आह्वान किया है.

राज्य में बंद का ख़ासा असर देखा जा रहा है. मुख्य मार्गों पर सन्ना बिखरा पड़ा है.

उनका आरोप है कि पुलिस 'अशोक महतो को उठाकर ले गई है' लेकिन उसे अदालत में पेश नहीं कर रही है.

यह पहली बार नहीं है जब माओवादियों ने रेलवे पर हमला किया हो. इससे पहले भी वो पटरियाँ उड़ाते रहे हैं. उन्होंने रेल के इंजन को विस्फोट करके उड़ाया है और कई स्टेशनों को आग लगाई है.

उन्होंने 27 अक्तूबर को भी एक राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर को अगवा कर लिया था और ट्रेन को जंगलों में रोक लिया था.

बीबीसी के झारखंड संवाददाता सलमान रावी का कहना है कि माओवादियों की ओर से इससे पहले किसी आम यात्री को जानमाल का नुक़सान की शायद यह पहली घटना है.

दुर्घटना

गुरुवार की रात यह दुर्घटना मनोहरपुर और पसैंयता स्टेशनों के बीच हुई है.

अधिकारियों का कहना है कि पटरी पर विस्फोट उस समय हुआ जब पायलट इंजिन को वहाँ से गुज़रे हुए 20 मिनट बीत चुके थे.

रेलवे मंत्री ममता बैनर्जी ने बताया, "माओवादियों ने रेल पटरी के एक हिस्से को उड़ा दिया जिसकी वजह से डिब्बे पटरी से उतर गए. इसके बाद आसपास तीन से चार विस्फोट और किए गए जिससे कि बचाव कर्मियों को रोका जा सके."

उन्होंने बताया कि जिन दो यात्रियों की मौत हुई है वे पलटी हुई बोगी के नीचे दब गए थे.

उनका कहना है कि छह और यात्री अभी बोगियों में फँसे हुए हैं.

पुलिस अधीक्षक (रेल) एबी होमकर ने कहा, "राहत और बचाव दल वहाँ पहुँच चुका है और अब वे गैस कटरों से डिब्बों को खोलने की कोशिश कर रहे हैं जिससे कि घायल यात्रियों को निकाला जा सके."

इससे पहले पूर्वी सिंहभूम ज़िले के बहरागोड़ा इलाक़े में बारूदी सुरंग के विस्फोट में झारखंड सशस्त्र पुलिस बल के छह जवान घायल हो गए हैं.

घायलों में घुड़ाबांधा के थाना प्रभारी इंदुभूषण भी शामिल है. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता वीएस देशमुख का कहना है कि धमाका माओवादियों ने किया है.

ये धमाके माओवादियों ने झारखंड बंद के दौरान किए हैं.

चेतावनी

Image caption सरकारों की ओर से माओवादियों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की तैयारियाँ चल रही हैं

इस बंद का आह्वान उन्होंने अपने साथी अशोक महतो को अदालत में पेश किए जाने की मांग को लेकर किया है. उनका कहना है कि 'अशोक महतो को पुलिस उठाकर ले गई है'.

माओवादियों ने धमकी दी है कि अगर 24 घंटे के अंदर अशोक महतो को अदालत में पेश नहीं किया गया तो 29 और 30 नवंबर को 48 घंटे का बंद आयोजित किया जाएगा.

माओवादियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी सरकार नहीं चेती, तो 10 से 16 दिसंबर तक एक सप्ताह का बंद रखा जाएगा.

झारखंड में बंद का आह्वान ठीक विधानसभा चुनाव के समय हो रहा है. झारखंड के चौबीसों ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित हैं और इन इलाक़ों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

माओवादियों के बंद के आह्वान से राज्य में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. बंद के संबंध में माओवादियों की ओर से तीन बयान जारी किए गए हैं.

पहला बयान माओवादियों के सेंट्रल मिलिटरी कमीशन की ओर से सोनू ने दिया है, जबकि झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी की ओर से गोपाल जी ने अपनी बात रखी है.

साथ ही झारखंड क्षेत्रीय समिति के सचिव भैरव ने भी बंद के लिए बयान दिया है और चेतावनी दी है कि बंद अनिश्चितकालीन भी हो सकता है.

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