अब चव्हाण चले राज की चाल

अशोक चव्हाण
Image caption अशोक चव्हाण वैसी ही बात कर रहे हैं जैसी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना करती आई है

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने राज्य में नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की बात उठाई है.

रेल मंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में एक आधिकारिक समारोह को दौरान ऐसा प्रतीत हुआ जैसे मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की किताब से एक पन्ना उधार ले रहे हो.

चव्हाण का कहना था, "स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. जिस किसी के पास भी महाराष्ट्र का डॉमिसाइल (यानी मूल निवासी होने का दस्तावेज़) है, उसे नौकरी पहले मिलनी चाहिए. फिर वह कोई भी भाषा बोलता हो या उसकी आस्था कुछ भी हो."

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इसी आधार पर महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों के ख़िलाफ़ पिछले कुछ वर्षों में हमले किए हैं.

हालाँकि मुख्यमंत्री चव्हाण का कहना था कि वे 'भाषा या क्षेत्र के आधार पर प्रदर्शनों या अभियान के पक्ष में नहीं है और ये राज्य सरकार की नीति नहीं है.'

उधर रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, "रेलवे की परीक्षा अंग्रेज़ी, हिंदी और उर्दू के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी लिखी जा सकेगी. महाराष्ट्र में मराठी में भी इम्तेहान लिखने का प्रावधान होगा और अन्य राज्यों में भी ये सुविधा उपलब्ध होगी."

उनका कहना था कि ये फ़ैसला वर्तमान नीति के पुन: आकलन के बाद और नई नीति बनाए जाने के बाद लिया गया है.

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