'तालेबान की जीत एशिया के लिए अनर्थ'

मनमोहन सिंह
Image caption मनमोहन सिंह को अमरीका में राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया है

भारत के प्रधानमंत्री अपनी चार दिवसीय अमरीका यात्रा पर रविवार को वॉशिंगटन पहुँच गए हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाक़ात करेंगे. इस दौरान वो अफ़ग़ानिस्तान, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग और जलवायु परिवर्तन पर बात करेंगे.

अमरीका रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान की जीत हो गई तो ये लगभग पूरे एशिया के लिए अनर्थकारी होगी.

साथ ही उनका कहना था कि भारत ओबामा प्रशासन से परमाणु समझौते की प्रक्रिया का पालन करने के बारे में आश्वासन लेना चाहते हैं.

मनमोहन ने ‘न्यूज़वीक’ पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे इस बारे में कतई चिंतित नहीं हैं कि क्या अमरीका परमाणु क़रार का पालन करता रहेगा या नहीं.

उन्होंने कहा कि फिर भी वे राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी मुलाक़ात के दौरान इस बारे में ‘पुष्टि’ करने की ज़रूर मांग करेंगे.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि परमाणु समझौते के बाद भारत को तकनीकी हस्तांतरण के मामले में अमरीका ज्यादा उदार रवैया अपनाएगा.

मनमोहन ने सिंह ने कहा कि परमाणु निशस्त्रीकरण के मामले में भारत के अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए तकनीकी हस्तांतरण में रोक टोक से किसी को कोई फायदा नहीं होगा.

राजकीय अतिथि

मनमोहन सिंह को ओबामा प्रशासन राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि यह दर्शाता है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत-अमरीका संबंधों को कितनी तरजीह देते हैं.

संभावना है कि मनमोहन सिंह की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रुप दिया जाएगा.

अमरीका रवाना होने से पहले मनमोहन सिंह ने कहा, " अगर हमें 21 वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों से निपटना है तो भारत और अमरीका के बीच गहन साझीदारी ज़रूरी है."

उन्होंने अपने बयान में कहा,'' पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में काफी बदलाव आया है.''

प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरीका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है जिसे और आगे बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ वह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक सुस्ती, डब्ल्यूटीओ की दोहा दौर की बातचीत और परमाणु निरशस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर बात करेंगे.

हालांकि उनके लिए आयोजित राजकीय भोज 24 नवंबर को है लेकिन 22 नवंबर को अमरीका पहुँचने के बाद मनमोहन सिंह कुछ वरिष्ठ अमरीकी अधिकारियों, प्रभावशाली व्यावसायिक समुदाय से और 'थिक टैंक्स' से मुलाक़ात करेंगे.

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