26 नवंबर की बरसी पर कई कार्यक्रम

Image caption मुंबई हमले को लेकर लोगों में अब भी गुस्सा है

26 नवंबर की घटना के एक साल के बाद मुंबई के लोगों में गुस्सा, नाराज़गी और दुख के मिले जुले भाव हैं.

इस घटना की बरसी के दौरान शहर में कई स्थानों पर अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. कहीं सरकार तो कहीं आम लोग अपने स्तर पर ही कार्यक्रम कर रहे हैं.

लोगों के मन में इस घटना को लेकर अभी भी रोष है और वो चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कभी न हो.

मुंबई के स्थानीय लोग और यहां बाहर से आए लोगों का कहना है कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी है लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की ज़रुरत है.

शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती देखी जा सकती है. ख़ास कर उन स्थानों पर जहां पिछले साल हमले हुए थे.

ताज होटल के पास पंजाब से कुलबीर सिंह कहते हैं कि उन्हें सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिखती है. यही बात वहां कई और लोगों ने भी कही.

हालांकि अन्य स्थानों पर लोगों का कहना था कि पुलिस की व्यवस्था पहले की तुलना में बहुत बेहतर हुई है.

सीएसटी पर मौजूद योगेश कहते हैं कि उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा है कि वो कोई भी हमला रोक सकती है.

लेकिन पाकिस्तान के साथ रिश्तों की बात आते ही ज़्यादातर लोग नाराज़ दिखे. मुंबई के लोगों का सबसे अधिक गुस्सा गिरफ़्तार पाकिस्तानी चरमपंथी कसाब पर दिखता है.

विभिन्न कार्यक्रम

ताज होटल, ओबेरॉय, लियोपोल्ड कैफ़े या फिर छत्रपति शिवाजी टर्मिनल हर स्थान पर आज कोई न कोई कार्यक्रम होने वाला है.

छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर रेलवे पुलिस फोर्स के जवान मृतकों को श्रद्धांजलि देंगे तो ताज पर सरकार की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है.

नरीमन हाउस के पास प्रार्थना और ध्यान का आयोजन है तो ट्राइडेंट में भी मारे गए लोगों को याद किया जाएगा.

शहर के आज़ाद मैदान इलाक़े में दिन भर रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है.

इसके अलावा पिछले एक हफ्ते में 26 नवंबर को मारे गए लोगों की याद में कार्यक्रम हुए हैं. मरीन लाइन्स स्टेशन के पास क़रीब डेढ़ किलोमीटर लंबी दीवार पर लोगों को पेंटिंग के लिए आमंत्रित किया गया है.

यहां आम लोगों ने अपने नारे लिखे हैं और मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए चित्र भी बनाए हैं.

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