परमाणु संयंत्र से रिसाव की जाँच

भारतीय परमाणु संयंत्र (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption ख़बरें हैं कि कुछ कर्मचारियों में सामान्य से अधिक परमाणु विकिरण पाया गया.

भारतीय अधिकारी दक्षिणी राज्य कर्नाटक के कैगा परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी पदार्थ के पीने के पानी में मिल जाने के मामले की जाँच कर रहे हैं.

कैगा परमाणु इकाई में कई कर्मचारी परमाणु विकिरण से प्रभावित हुए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.

विभिन्न समाचार माध्यमों के अनुसार इन कर्मचारियों के शरीर में परमाणु विकिरण सामान्य से ज्यादा मात्रा में पाया गया है.

भारतीय ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदकर का कहना था कि किसी ने 'जानबूझकर' रेडियोधर्मी ट्राइटियम को वाटर कूलर में मिला दिया था.

उनका कहना था कि इसमें शामिल लोगों को सज़ा मिलेगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कर्नाटक के उत्तरी कन्नडा ज़िले में स्थित ये परमाणु संयंत्र 20 अक्तूबर से रखरखाव के लिए बंद है.

इस संयंत्र में 220 मेगावाट की तीन परमाणु इकाइयाँ हैं और चौथी इकाई काम करने के लिए लगभग तैयार है.

मामला

ख़बरें हैं कि इन कर्मचारियों की तबियत बिगड़नी तब शुरू हुई जब उन्होंने संयंत्र में ही रखे गए एक वाटर कूलर का पानी पिया. प्रभावित कर्मचारियों की संख्या लगभग 55 बताई जा रही है.

हालांकि विकिरण की थोड़ी मात्रा सामान्य बात है लेकिन ये कर्मचारी वास्तविक संयंत्र क्षेत्र में नहीं जाते.

समाचारपत्र टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार कैगा संयंत्र निदेशक जे पी गुप्ता का कहना था,'' ये कर्मचारी खुले इलाक़े में काम करते हैं इसलिए इन कर्मचारियों में विकिरण की सामान्य से थोड़ी ज्यादा मात्रा पाया जाना आश्चर्यजनक है.''

जेपी गुप्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर से कहा,'' इस घटना से लोगों पर की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ा है.''

उनका कहना था कि ये किसी शख्स की खुराफ़ात हो सकती है.

उनका कहना था कि मामले की जाँच चल रही है और सभी 55 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं.

संबंधित समाचार