पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा गिरफ़्तार

मधु कोड़ा
Image caption मधु कोड़ा के ऊपर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज है

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय, सतर्कता विभाग और आय कर विभाग के संयुक्त दल ने सोमवार को झारखंड में चायबासा से गिरफ़्तार कर लिया है.

सोमवार को ही पलामू ज़िले में कोड़ा मंत्रिमंडल में रह चुके कमलेश सिंह को भी सतर्कता विभाग ने गिरफ़्तार कर लिया. विभाग के महानिरीक्षक एम वी राव ने बताया कि कमलेश सिंह पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है.

हज़ारों करोड़ के हवाला घोटाले और विदेशों में पूँजी निवेश के आरोपों का सामना कर रहे कोड़ा को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने दो बार तलब किया था लेकिन वे इसकी अवहेलना कर रहे थे.

ग़ौरतलब है कि कोड़ा अपने ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों का खंडन करते हैं और इन्हें एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते आए हैं.

'कांग्रेस की चाल'

गिरफ़्तारी के बाद मधु कोड़ा को राँची ले जाया गया है जहाँ चार दिसंबर को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए गठित विशेष अदालत के सामने उन्हें पेश किया जाएगा.

मधु कोड़ा लोकसभा के निर्दलीय सदस्य हैं.गिरफ़्तारी से पहले सतर्कता विभाग ने लोकसभा के अध्यक्ष से अनुमति ली थी.

उधर भारतीय जनता पार्टी के नेता अर्जुन मुंडा ने मधु कोड़ा की गिरफ़्तारी को कांग्रेस की चाल बताया है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस चुनाव को प्रभावित करना चाहती है.

प्रवर्तन निदेशालय ने गत नौ अक्तूबर को 38 वर्षीय मधु कोड़ा और उनके तीन सहयोगियों के ख़िलाफ़ 'काले धन' को 'सफ़ेद' करने और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले दर्ज किए थे और फिर देश के विभन्न ठिकानों पर छापे मारे थे.

जिन स्थानों पर छापे मारे गए थे उनमें राँची के अलावा दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, नासिक, चाईबासा और जमशेदपुर शामिल हैं.

ग़ौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के अधिकारियों ने मधु कोड़ा के ठिकानों पर छापे मारने के बाद कहा था कि उन्हें चार हज़ार करोड़ रुपयों के निवेश के सबूत मिले हैं जिसमें से कई निवेश विदेशों में किए गए हैं.

आरोप है कि संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और लाइबेरिया जैसे देशों में बड़ी धनराशि का निवेश किया गया है.

इस समय मधु कोड़ा चायबासा में अपनी पत्नी के साथ झारखंड में दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार में लगे हुए थे.

इससे पहले मधु कोड़ा ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा था कि उन्हें 'झूठे मामले में फँसाया जा रहा है और उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र रचा गया है जिससे कि वे चुनाव में हिस्सा न ले सकें.'

मधु कोड़ा के कुछ सहयोगियों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है.

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