ओबामा ने फ़ोन किया

  • 1 दिसंबर 2009
Image caption दोनों नेताओं के बीच कुछ दिन पहले वाशिंगटन में मुलाक़ात भी हुई थी

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से फ़ोन पर बात की है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति और जलवायु परिवर्तन सम्मेलन पर चर्चा हुई.

बराक ओबामा और मनमोहन सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान के हालात पर चर्चा की है कि कैसे वहाँ शांति और स्थायित्व का माहौल बनाया जा सकता है.

ओबामा मंगलवार देर रात को अमरीका की नई अफ़ग़ान नीति की घोषणा भी करेंगे. कुछ दिन पहले ही मनमोहन सिंह वाशिंगटन यात्रा पर गए थे जहाँ अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा की गई थी.

दिसंबर में होने वाले कोपेनहेगन जलवायु परिवर्तन सम्मेलन पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई.

मनमोहन सिंह ने अमरीकी राष्ट्रपति को कहा कि सम्मेलन में बातचीत के दौरान भारत सकारात्मक भूमिका निभाएगा और वो उम्मीद करता है कि बातचीत सफल रहेगी.

विश्व के कई देशों के नेता इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. ओबामा और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिए हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री को वहाँ मौजूद रहना चाहिए लेकिन मनमोहन सिंह ने इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है.

कोपेनहेगन सम्मेलन को लेकर कूटनीतिक कोशिशें तेज़ हो गई हैं. ओबामा ये घोषणा कर चुके हैं कि वे सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. अमरीका ने ये घोषणा भी कर दी है कि वो कई चरणों में ग्रीनहाउस गैसों से होने वाला उत्सर्जन कम करेगा. अब भारत पर भी दवाब बढ़ रहा है.

करज़ई से बातचीत

इस बीच बराक ओबामा ने नई अफ़ग़ान नीति पर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी चर्चा की है. माना जा रहा है कि अमरीका बड़ी संख्या में वहाँ अतिरिक्त सैनिक भेजेगा.

हामिद करज़ई के सहयोगियों ने कहा है कि दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक वीडियो लिंक के ज़रिए बात की.

वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ओबामा अमरीकी नागिरकों को ये आश्वासन देना चाहेंगे कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती अंतहीन समय के लिए नहीं है लेकिन अगर सैनिकों को वापस बुलाने पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया तो इससे तालेबान के हौसले बुलंद हो सकते हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में अभी 68000 अमरीकी सैनिक हैं और गठबंधन सेना को मिलाकर ये संख्या एक लाख से ज़्यादा है.

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