उल्फा प्रमुख राजखोवा गिरफ्तार

Image caption राजखोवा की गिरफ़्तारी उल्फा के लिए बड़ा झटका है.

भारत में प्रतिबंधित संगठन उल्फ़ा के चेयरमैन और संस्थापक अरबिंद राजखोवा को बांग्लादेश में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजखोवा को बांग्लादेश से दिल्ली लाया जा रहा है.एजेंसी ने खुफ़िया एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से ये ख़बर दी है.

बीबीसी के पूर्वोत्तर मामलों के संवाददाता सुबीर भौमिक ने बताया कि राजखोवा को ढाका के आसपास गिरफ़्तार किया गया था.

हालांकि कुछ समाचार माध्यमों के अनुसार राजखोवा ने आत्मसमर्पण किया है.

राजखोवा की गिरफ़्तारी उल्फा के लिए बड़ा झटका है क्योंकि इससे पहले उनके एक और बड़े नेता अनूप चेतिया को भी बांग्लादेश में हिरासत में लिया जा चुका है.

अगले कुछ महीनों में चेतिया का भारत प्रत्यर्पण होना है.

राजखोवा उन चार लोगों में से हैं जिन्होंने सात अप्रैल 1979 के दिन उल्फा का गठन किया था. संगठन के दो और प्रमुख नेता साशा चौधरी और चित्रवन हज़ारिका भी पाँच नवंबर को हिरासत में लिए गए थे.

राजखोवा की गिरफ़्तारी के साथ ही सरकार और उल्फा के बीच बातचीत के रास्ते और भी साफ होने की संभावना बढ़ गई है.

संगठन के सभी प्रमुख नेता अब जेल में हैं. हालांकि संगठन के कुछ नेता अभी भी वार्ताओं का विरोध करते रहे हैं जिसमें प्रमुख नाम परेश बरुआ का है.

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