रूस पाकिस्तान को समझा सकता है: मनमोहन

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि एक ‘महान शक्ति’ होने के नाते रूस पाकिस्तान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है ताकि वो भारत के ख़िलाफ़ आतंक को नीतिगत स्तर पर एक औज़ार के रूप में इस्तेमाल न करे.

ये बात उन्होंने दिल्ली में रूसी मीडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान कही.

मनमोहन सिंह रविवार से तीन दिन की रूस यात्रा पर जा रहे हैं. वे सालाना भारत-रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि भारत को आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है और आतंक को एक पड़ोसी देश मदद दे रहा है.

रूस यात्रा

मनमोहन सिंह ने कहा, “हमें लगता है कि रूस एक महान शक्ति है और वो पाकिस्तान को प्रभावित कर सकता है. हमें उम्मीद है कि रूस के प्रभाव का इस्तेमाल पाकिस्तान को ये समझाने में हो पाएगा कि भारत के ख़िलाफ़ आतंक का उपयोग पाकिस्तान के लिए ही नुकसानदेह हो सकता है.”

वर्ष 2004 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद ये मनमोहन सिंह की छठी रूस यात्रा है.

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तानी ज़मीन का इस्तेमाल आतंक फैलाने के लिए इस्तेमाल न हो तो दोनों देशों के पास मिलकर काम करने की अपार संभावनाएँ हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्तों, निवेश और तकनीक के आदान-प्रदान की बहुत संभावना है.

अपने साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने रक्षा मामलों में भारत-रूस सहयोग, परमाण ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान और व्यापार के बारे में बातचीत की.

मनमोहन सिंह सोमवार को रूस के राष्ट्रपति दीमित्री मेदवेदेव और प्रधानमंत्री पुतिन से मिलेंगे.

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