'बलूचिस्तान आंतरिक मामला'

  • 5 दिसंबर 2009

भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के इन आरोपों का खंडन किया है कि वो पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाक़े में दखलअंदाज़ी कर रहा है.

भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “बलूचिस्तान पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और भारत अपने पड़ोसी देशों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता. हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान भी यही रुख़ अपनाएगा.”

उनसे पत्रकारों ने सवाल किया कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बसित ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में हो रही गतिविधियों में भारत का हाथ है और इस बारे में वे सही समय पर सबूत पेश करेंगे.

इस पर निरुपमा राव ने जवाब दिया कि इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी सबूत नहीं है.

चीन से बातचीत जारी

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने गुरुवार को संसद में कहा था कि बलूचिस्तान में भारत की कथित भूमिका को लेकर पाकिस्तान झूठे सबूत इकट्ठा कर रहा है.

भारत-चीन संबंधों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए भारतीय विदेश सचिव का कहना था, "डेमचौक सड़क का मामला चीन के साथ उठाया गया है. डेमचौक को लेकर लाइन ऑफ़ एक्चुयल कंट्रोल का मामला चीन के साथ कई बार उठाया जा चुका है. ये कोई नया मुद्दा नहीं है. दोनों पक्षों को मालूम है कि दोनों के नज़रिए में फ़र्क़ है. इस मुद्दे को बातचीत के ज़रिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है."

अलगावादी संगठन उल्फ़ा की सशस्त्र शाखा के प्रमुख पेश बरुआ पर निरुपमा राव का कहना था कि परेश बरुआ की कई मामलों में तलाश है और पड़ोसी देशों से इस बारे में बातचीत चल रही है.

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