मनमोहन रूस पहुँचे, कई समझौते होंगे

Image caption भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया गया है

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस की तीन दिवसीय यात्ना पर रविवार को मॉस्‍को पहुँच गए हैं.

सम्‍मेलन में मनमोहन सिंह, रूसी प्रधानमंत्नी व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदव से बातचीत करेंगे.

प्रधानमंत्री की रूस यात्ना के दौरान दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ाने से संबंधित समझौतों के अलावा कई रक्षा समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए जाने उम्मीद है.

दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में भी द्विपक्षीय समझौते हो सकते हैं.

रूस इस दौरे को काफ़ी महत्व दे रहा है. राष्ट्रपति मेदवेदव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया है.

इससे पहले केवल अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को यह सम्मान मिला है.

समझौतों की उम्मीद

भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने बताया है कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की भी उम्मीद है.

रूस के साथ ऊर्जा समझौते के बाद भारत रूस से यूरेनियम मंगवा सकेगा.

जानकारों का मानना है कि यह समझौता अमरीका के साथ असैनिक परमाणु समझौते से कहीं बेहतर है.

इस दौरे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और कई मंत्रालयों के अधिकारी गए हैं

भारतीय प्रधानमंत्री रूस में सीईओ काउंसिल को भी संबोधित करेंगे.

इस परिषद में रूस और भारत की कई बड़ी कंपनियों के सीईओ शामिल हैं. मुकेश अंबानी इस परिषद की सह-अध्यक्षता करेंगे.

दोनों देश एक साझा बयान भी जारी कर सकते हैं.

वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री बनने के बाद ये मनमोहन सिंह की छठी रूस यात्रा है.

रूस जाने से पहले मनमोहन सिंह ने दिल्ली में रूसी मीडिया से भी बातचीत की थी.

उन्होंने कहा था कि रूस एक महान शक्ति है और वो अपने प्रभाव का इस्तेमाल पाकिस्तान को समझाने में कर सकता है कि वो भारत के ख़िलाफ़ आतंक का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में न करे.

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