भारत-रूस में परमाणु समझौता

मनमोहन सिंह और दिमित्री मेदवेदेव

भारत और रूस के बीच असैनिक परमाणु सहयोग समझौता हो गया है.

रूस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेजवेदेव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किया.

इस समझौते के बाद रूस भारत के परमाणु रिएक्टर के लिए यूरेनियम और परमाणु तकनीक दे सकेगा.

इसके अलावा दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में भी तीन समझौते पर हस्ताक्षर किए.

सहमति

मॉस्को में मनमोहन सिंह और दिमित्री मेदवेदेव के बीच हुई बातचीत के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया.

रूसी राष्ट्रपति के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मनमोहन सिंह ने कहा, "इस समझौते से दोनों देशों के बीच सहयोग और व्यापक हुआ है. अब न सिर्फ़ परमाणु रिएक्टर को आपूर्ति के क्षेत्र में समझौता हुआ है बल्कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शोध और विकास पर भी सहमति हुई है."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों से बीच पहले से ही मौजूद परमाणु करार और मज़बूत होगा.

उन्होंने कहा कि दोनों नेता परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में समझौते से संतुष्ट हैं. दोनों नेताओं ने अन्य विषयों पर भी चर्चा की, जिनमें अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति प्रमुख थी.

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