देश को बताएँ बैठक में क्या हुआ: चिदंबरम

चिदंबरम
Image caption चिदंबरम ने कहा कि ढांचे को पूर्व नियोजित योजना के तहत गिराया गया

बाबरी मस्जिद विध्वंस पर लिबरहान आयोग की रिपोर्ट पर लोकसभा में बहस में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि विवादित ढांचे को गिराना 'पूर्व नियोजित काम' था.

उन्होंने ये भी कहा कि इस ज़िम्मेदारी से संघ परिवार और भाजपा के नेता - लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी बच नहीं सकते.

लिबरहान आयोग की रिपोर्ट पर लोकसभा में मंगलवार को ख़ासी गर्मागर्मी रही और चिदंबरम के पूरे भाषण के दौरान लोकसभा में शोर होता रहा.

चिदंबरम के भाषण से पहले भारतीय जनता पार्टी की नेता राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने ज़ोर-शोर से पार्टी का पक्ष रखा था.

सुषमा स्वराज ने कहा, "...जो लोग वहाँ थे वे ढांचा गिराए जाने के लिए सज़ा भुगतने को भी तैयार हैं...इसका हल केवल बातचीत से निकल सकता है. मामला 50 साल लटका हुआ है और जब तक समुदायों के लोग मिल बैठकर बात नहीं करते, तब तक इसका हल नहीं खोजा जा सकता. लेकिन लिबरहान रिपोर्ट त्रुटियों, विसंगतियों से भरी हुई है और भाजपा इसे सिरे से ख़ारिज करती है. हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह भी इस रिपोर्ट को ख़ारिज करे..."

'नरसिम्हा सरकार का ग़लत आकलन'

चिदंबरम ने कहा कि संघ परिवार के कार सेवकों ने बाबरी विध्वंस के लिए पूरी तैयारी की थी.

चिदंबरम ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा, "...नरसिम्हा राव सरकार ने ग़लत आकलन किया...जो भी वादे भाजपा ने किए थे वे सब झूठ थे...ये हमें निद्रा की स्थिति में रखने के लिए किया गया...जिस तरह के ढांचे को गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि ये पूर्व नियोजित योजना के तहत षड्यंत्र रच कर, क्रूरतारपूर्ण तरीके से किया गया. "

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि विनय कटियार, अशोक सिंघल और संघ परिवार के अन्य नेताओं के साथ आडवाणी और जोशी की छह दिसंबर 1992 को बैठक हुई थी.

उनका कहना था, "मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि आपकी क्या बात हुई, चर्चा हुई और आपने क्या निर्णय लिया. आपने नाश्ता किया और घटनास्थल की ओर चल दिए. हमें बताएँ, देश को बताएँ कि उस सुबह आपने क्या चर्चा की थी."

चिदंबरम का ये भी कहना था कि जोशी और आडवाणी ने कार्यकर्ताओं को रोकने की केवल नाममात्र कोशिश ही की थी.

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