झारखंडः हिंसा के बीच मतदान ख़त्म

  • 8 दिसंबर 2009
झारखंड के मतदाता
Image caption पहले और दूसरे चरण में लगभग 50 फ़ीसदी मतदान हुआ था

झारखंड में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान पूरा हो गया है. इस दौरान हिंसा की भी खबरें मिली हैं.

दुमका ज़िले में शिकारीपाड़ा के पास हुए एक नक्सली हमले में सीमा सुरक्षा बल के दो जवानों के मारे जाने की ख़बर है.

तीसरे चरण में 11 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ और इसमें 239 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हुआ है. इनमें 115 निर्दलीय हैं.

इस चरण की सभी सीटें नक्सल प्रभावित इलाक़ों में थे इसलिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने पहली बार जनता से भारी संख्या में मतदान की अपील की थी और आश्वासन दिया था कि मतदान केंद्रों पर उनकी सुरक्षा की पुख़्ता व्यवस्था की जाएगी.

उनकी अपील का असर दिखाई दिया है. संथाल परगना क्षेत्र के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं.

केंद्रीय गृह मंत्री की पहल पर सिर्फ़ 11 सीटों के लिए हो रहे मतदान में सुरक्षा बलों की 505 कंपनियाँ तैनात की गई.

इस चरण में दुमका ज़िले की चार, गिरीडीह की तीन, बोकारो की तीन और हजारीबाग की एक विधानसभा सीट के लिए मतदान हुआ.

दुमका से कांग्रेस प्रत्याशी स्टीफ़न मरांडी उम्मीदवार थे और इन्हीं के ख़िलाफ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने हेमंत सोरेन को उतारा. हेमंत झामुमो नेता शिबू सोरेन के पुत्र हैं.

शिबू सोरेन की पुत्रवधु सीता मुर्मू जामा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ीं.

मतदान का समय सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक रखा गया ताकि नक्सल प्रभावित इलाक़ों से चुनावकर्मी शाम ढलते ढलते ज़िला मुख्यालय पहुँच जाएँ.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

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