हैदराबाद में तनाव, भारी सुरक्षा बंदोबस्त

उस्मानिया विश्वविद्यालय में सुरक्षा
Image caption हैदराबाद में 18 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं

अलग तेलंगाना राज्य की माँग पर आमरण अनशन कर रहे तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के चंद्रशेखर राव की हालत गंभीर बताई जा रही है.

वो हैदराबाद के निम्स अस्पताल में भर्ती हैं. अस्पताल के निदेशक दासहरि प्रसाद राव का कहना है, "अगर उन्होंने खाना शुरु नहीं किया तो जान का ख़तरा है."

चंद्रशेखर राव के अनशन का बुधवार को 11वां दिन है. टीआरएस वाले और उनके परिवार के लोग भी उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्होंने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है.

ऐसी अटकलें हैं कि केंद्र सरकार बातचीत के लिए उन्हें दिल्ली आमंत्रित करेगी.

इस मुद्दे पर बुधवार को भी राज्य विधानसभा में जम कर हंगामा हुआ. टीआरएस विधायकों ने राज्य और केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार से अलग राज्य का प्रस्ताव पारित कराने की माँग की.

आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए टीआरएस की पोलित ब्यूरो की बैठक हैदराबाद में होने वाली है.

भारी सुरक्षा

टीआरएस समर्थक छात्र संगठनों ने छात्रों से लाखों की संख्या में गुरुवार को हैदराबाद पहुँचने की अपील की है और विधानसभा का घेराव करने का आह्वान किया है.

इसे देखते हुए हैदराबाद को जोड़ने वाली सड़कों पर चेकपोस्ट बना दिए गए हैं और प्रशासन ने बाहरी लोगों से अपील की है कि वे गुरुवार को हैदराबाद न आएँ.

तनाव के दो बड़े केंद्र हैं, उस्मानिया और काकतीय विश्वविद्यालय. वहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.

उस्मानिया विश्वविद्यालय में कुछ छात्र जमें हैं जिन्हें हटाने की कोशिश हो रही है. पूरे हैदराबाद में 18 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.

माओवादी समर्थक लोक कवि गदर ने अपील की है कि वे आमरण अनशन ख़त्म कर दें क्योंकि केंद्र सरकार चाहती है कि वे मर जाएँ.

उन्होंने कहा कि ये समस्या तेलंगना की जनता की समस्या है.

संबंधित समाचार