और नए राज्य नहीं: प्रणब

प्रणब मुखर्जी
Image caption तेलंगाना राज्य के गठन की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद से राजनीतिक उथलपुथल शुरु हो गई है

अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद कई जगह से अलग राज्यों के गठन की उठ रही मांगों को केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया है.

उन्होंने कहा है कि छोटे राज्यों की मांगों का यह अर्थ नहीं है कि कहीं भी नए राज्यों का गठन कर दिया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करने की घोषणा के बाद से गोरखालैंड का आंदोलन नए सिरे से शुरु हो गया है और नेताओं ने भूख हड़ताल शुरु कर दी है.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य को तीन हिस्सों में विभाजित करने की अपनी मांग को दोहराया है तो राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजीत सिंह ने भी हरित प्रदेश के लिए आंदोलन फिर से शुरु करने की चेतावनी दी है.

उधर राजस्थान से मरु प्रदेश की मांग उठ रही है तो मध्यप्रदेश से बुंदेलखंड की मांग उठ रही है.

इस तरह से देखें तो देश भर में नौ छोटे राज्य बनाने की मांगें उठती रही हैं.

प्रणब मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल दौरे के बीच पत्रकारों से तेलंगाना राज्य के गठन को सही ठहराते हुए कहा, "तेलंगाना राज्य की मांग साठ साल पुरानी है."

उन्होंने कहा कि जैसा कि गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि राज्य के गठन की प्रक्रिया विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने से शुरु होगी, क्योंकि संसद में विधेयक लाने के लिए इसकी ज़रुरत होगी.

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