कारगर हैं परमाणु हथियार: काकोदकर

  • 13 दिसंबर 2009
अनिल काकोदकर
Image caption अनिल काकोदकर हाल ही में परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए

भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व प्रमुख अनिल काकोदकर ने कहा है कि 1998 में किया गया हाइड्रोजन बम परीक्षण पूरी तरह सफल रहा था और सेना को उसके नियंत्रण में रखे गए परमाणु हथियारों पर पूरा-पूरा भरोसा करना चाहिए.

एक निजी टेलीविज़न को दिए इंटरव्यू में काकोदकर ने कहा है कि सेना के नियंत्रण में रखे गए परमाणु हथियारों को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि इसकी पूरी गारंटी है. सेना को इनमें पूरा भरोसा होना चाहिए. उनके नियंत्रण में रखे हथियारों की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है."

काकोदकर 30 नवंबर को परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए हैं.

कारगर

भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक ने पिछले दिनों कहा था कि परमाणु वैज्ञानिकों को सशस्त्र बलों को इस बात का यकीन दिलाना चाहिए कि उनके नियंत्रण में रखे गए परमाणु हथियार पूरी तरह कारगर हैं.

काकोदकर ने हाइड्रोजन बम के एक और परीक्षण की ज़रूरत को नकारते हुए कहा कि भारत के पास 45 किलो टन से अधिक की क्षमता के कई हाइड्रोजन बम हैं.

वर्ष 1998 में हुए परमाणु परीक्षण के समय अनिल काकोदकर भाभा परमाणु शोध केंद्र के निदेशक थे.

इससे पहले भी उन्होंने वर्ष 1998 में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण पर उठे विवादों को ग़ैर ज़रूरी बताया था.

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