विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

विरोध प्रदर्शन
Image caption तेलंगाना को ले्कर विरोध प्रदर्शन जारी हैं

आंध्र प्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की केंद्र की घोषणा से राज्य में चल रहा बवाल विधानसभा तक पहुँच गया है. हंगामे के कारण विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

अलग तेलंगाना राज्य का विरोध कर रहे विधायकों ने विधानसभा में जम कर हंगामा किया और 'संयुक्त आंध्र प्रदेश' के नारे लगाए.

हंगामे के बीच आंध्र विधानसभा को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया. लेकिन विधानसभा के बाहर भी हंगामा जारी रहा और जम कर नारेबाज़ी हुई. बाद में विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.

इस बीच विजयवाड़ा से कांग्रेस के क़द्दावर सांसद एल राजगोपाल को शांति भंग होने की आशंका के मद्देनज़र गिरफ़्तार किया गया है.

राजगोपाल ने कहा था कि वे विधानसभा परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे. लेकिन हैदराबाद पहुँचते ही उन्हें हवाई अड्डे से ही गिरफ़्तार कर लिया गया,

जब से केंद्र सरकार ने तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है, तब से इसके विरोधी कई विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने त्यागपत्र दे दिया है.

विरोध

सबसे ज़्यादा प्रभावित है सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी. हालाँकि केंद्र सरकार ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि जल्दबाज़ी में ऐसा नहीं किया जाएगा. लेकिन इसका कोई ख़ास असर नहीं पड़ा है.

रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में बंद और भूख हड़ताल जारी है और हिंसा भी हुई है. बसों की आवाजाही पर असर पड़ा है और ट्रेन सेवाएँ भी इससे अछूती नहीं है.

यही नहीं तेलंगाना का विरोध करने वालों को एकजुट होते देख अब तेलंगाना समर्थक भी ताल ठोंकने लगे हैं.

कुछ दिनों तक इस मामले में चुप रहने वाले तेलंगाना समर्थक राजनेता भी विजय रैली की बात करने लगे हैं और कह रहे हैं कि मामला दबा तो उनका भी आंदोलन तेज़ होगा.

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