बुंदेला ने मांग की बुंदेलखंड की

  • 14 दिसंबर 2009
राजा बुंदेला
Image caption राजा बुंदेला कहते हैं कि मायावती के पत्र से आंदोलन को बल मिला है

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के बयान से प्रोत्साहित होकर फ़िल्म अभिनेता राजा बुंदेला ने अलग बुंदेलखंड राज्य के लिए अपना आंदोलन तेज़ करने की घोषणा की है.

बुंदेला ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ़्रेस में बताया कि वो 16 दिसंबर से चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से खजुराहो तक 300 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे. पदयात्रा आठ जनवरी को समाप्त होगी.

बुंदेला ने स्पष्ट किया कि उनका बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा हिंसा का सहारा न लेते हुए शांति से आंदोलन चलाना चाहता है.

बुंदेला ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अलग बुंदेलखंड राज्य के लिए प्रधानमंत्री को मायावती ने जो पत्र लिखा है उससे आंदोलन को बल मिला है.

लेकिन बुंदेला का कहना है कि वो केवल उत्तर प्रदेश वाले बुंदेलखंड क्षेत्र से सहमत नही हैं. वो चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के बुंदेलखंड क्षेत्रों को मिलाकर नया बुंदेलखंड बने.

ग़रीबी और पलायन

उन्होंने याद दिलाया कि 1948 में बुंदेलखंड और बघेलखंड के 35 राजाओं ने अपनी रियासतों को भारत सरकार को सौंपने से पहले एक संधि पर दस्तख़त किए थे जिसमे अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा किया गया था.

बुंदेला ने बुंदेलखंड की ग़रीबी और पलायन का जिक्र किया और कहा, " हमें योजनाएं परियोजनाएं नही बल्कि अपने विकास के लिए अपना राज्य चाहिए."

उनका दावा है कि अलग बुंदेलखंड राज्य में आर्थिक संसाधनों की कमी नही होगी, क्योंकि वहां कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं.

बुंदेला इस सवाल पर झुंझला गए कि बुंदेलखंड में अलग राज्य की मांग को आम जनता का समर्थन अभी तक दिखाई नही पड़ा है.

उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री मायावती अपनी बात पर गंभीर हैं तो उन्हें अलग राज्य के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास करना चाहिए, हालांकि क़ानूनी तौर पर यह अनिवार्य नही है.

बुंदेला कांग्रेस के समर्थक माने जाते हैं. लेकिन उनका कहना है कि उनका आंदोलन किसी दल से प्रेरित नही है.

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