कसाब का बयान 18 को

कसाब
Image caption कसाब इससे पहले अदालत में अपने बयान से पलट चुके हैं

मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को हुए चरमपंथी हमलों के मामले में विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपनी सुनवाई पूरी कर ली है.

इस बीच अभियोजन पक्ष ने अजमल कसाब और दो भारतीय अभियुक्त फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के ख़िलाफ़ 610 लोगों की गवाही दर्ज की है.

अदालत ने हमलों में शामिल एकमात्र जीवित बचे अभियुक्त अजमल कसाब का बयान दर्ज करने के लिए 18 दिसंबर यानी शुक्रवार की तारीख़ तय की है.

हालांकि कसाब के वकील केपी पवार ने कहा है कि उसका बयान तभी लिया जाए जब वह स्वस्थ हो. इस पर न्यायाधीश एमएल तहिल्यानी ने कसाब से पूछा कि क्या वह अस्वस्थ है तो कसाब ने जवाब दिया कि वह बयान दर्ज करवाने के लिए तैयार है.

'लक्ष्य सिर्फ़ सज़ा नहीं'

अभियोजन पक्ष के वकील उज्जवल निकम के अनुसार अदालत में सुनवाई आठ मई को शुरु हुई थी और बुधवार को अभियोजन पक्ष ने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली.

उनका कहना था, "हमारा लक्ष्य सिर्फ़ कसाब के ख़िलाफ़ मामला साबित करना नहीं है बल्कि हम चाहते हैं कि हमलों के साज़िश रचने वाले पाकिस्तान के संगठन लश्कर-ए-तैबा की भूमिका को भी उजागर किया जाए."

उन्होंने कहा, "कसाब तो उस संगठन का एक छोटा हिस्सा भर है. वह और नौ और हमलावर इस संगठन के छोटे हिस्से भर हैं जिनके ज़रिए वाणिज्यिक राजधानी में हमला करके भारत को बड़ा नुक़सान पहुँचाने की कोशिश की गई."

विशेष अदालत ने सुनवाई शुरु होने के साथ ही 27 लोगों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया था जिसमें लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद और संगठन के एक और प्रमुख नेता ज़की-उर रहमान लख़वी भी शामिल हैं.

इन लोगों की गिरफ़्तारी का वारंट इंटरपोल को बढ़ा दिया गया है लेकिन अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है.

अदालत ने जिन 610 लोगों की गवाही ली है उनमें से सिर्फ़ 267 लोगों की गवाही अदालत के सामने प्रत्यक्ष रुप से ली गई. इनमें पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और एफ़बीआई के अधिकारी शामिल हैं.

शेष लोगों की गवाही शपथ पत्र के माध्यम से दर्ज की गई है.

सीसीटीवी में दर्ज गतिविधियाँ और कसाब तथा अन्य हमलावरों के पास से मिले हथियार और विस्फोटकों को भी सबूत के रुप में अदालत में पेश किया गया.

उल्लेखनीय है कि मुंबई कई जगह हुए हमलों में क़रीब 170 लोगों की मौत हो गई थी और बहुत से लोग घायल हो गए थे.

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