पंधेर पर फ़ैसले को चुनौती

  • 18 दिसंबर 2009
पंधेर
Image caption पंधेर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी किया था

निठारी हत्याकांड के मामले में मोनिंदर सिंह पंधेर को बरी किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

पहले सत्र न्यायालय ने मोनिंदर सिंह पंधेर और उनके नौकर सुरेंद्र कोली की मौत की सज़ी सुनाई थी.

लेकिन इस साल 11 सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पंधेर को बरी कर दिया था जबकि सुरेंद्र कोली की मौत की सज़ा बरकरार रखी थी.

गुरुवार को अनिल हलदर ने पंधेर की मौत की सज़ा बरकरार रखने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

अनिल हलदर 15 वर्षीय रिम्पा हलदर के पिता हैं, जिसकी बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी.

निठारी कांड

वर्ष 2006 में दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गाँव में बच्चों के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी.

Image caption सुरेंद्र कोली मौत की सज़ा बरकरार रखी गई थी

निठारी में 19 लोगों की हत्या का मामला सामने आया था, जिनमें अधिकांश बच्चे थे.

सीबीआई को भी अपनी खोजबीन के दौरान मानव हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंक दिया गया था.

सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को 29 दिसंबर, 2006 को गिरफ़्तार किया गया था.

मई, 2007 में सीबीआई ने पंधेर को अपनी चार्जशीट में रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपमुक्त कर दिया था.

लेकिन दो महीने बाद अदालत की फटकार के बाद सीबीआई ने पंधेर को इस मामले में सह-अभियुक्त बनाया था.

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