गोरखालैंड पर वार्ता बेनतीजा समाप्त

  • 21 दिसंबर 2009
गोरखा
Image caption गोरखा लोगों का एक हिस्सा पृथक गोरखालैंड बनाए जाने की मांग लगातार करता आ रहा है

पृथक गोरखालैंड की मांग के मुद्दे पर केंद्र सरकार, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच वार्ता बिना किसी बड़े फ़ैसले के समाप्त हो गई है.

हालांकि अलग राज्य की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने मुद्दे के समाधान के लिए आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है.

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरी ने बताया, '' हमने कहा है कि अगले दौर की वार्ताएं राजनीतिक होनी चाहिए जिसमें भारत के गृह मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री होने चाहिए. हमें उम्मीद है कि ऐसा कुछ होगा.''

बातचीत में शामिल केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा कि वो मोर्चा का आग्रह केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे.

उन्होंने कहा, '' मैंने मोर्चा वालों से कहा है कि मैं उनका आग्रह गृह मंत्री तक पहुंचा दूंगा और 45 दिनों में उनके आगे की स्थिति से अवगत कराऊंगा.''

बातचीत में शामिल पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती ने भी कहा कि वो मुख्यमंत्री के वार्ताओं में शामिल होने का मोर्चा का आग्रह भी सरकार को बता देंगे.

यह बातचीत फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर ही हुई है.

गिरी ने वार्ताओं के बाद एक रैली में कहा, '' आज की बातचीत का मुद्दा गोरखालैंड था. हमने किसी और मुद्दे पर बात नहीं की.हमने साफ किया कि हम किसी और आश्वासन पर नहीं मानेंगे. यह वार्ता हमारे आंदोलन में एक बड़ा क़दम है.''

हालांकि केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै का कहना था कि बातचीत के दौरान गोरखालैंड बनाने की दिशा में होने वाली कठिनईयों पर भी चर्चा हुई है.

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