अब तेलंगाना के लिए हिंसक आंदोलन

आंध्र प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption तेलंगाना पर गृहमंत्री चिदंबरम के बयान को टीआरएस ने विश्वासघात बताया है.

तेलंगाना राज्य के गठन के विरोध में चल रहे आंदोलनों के बाद अब आंध्र प्रदेश में तेलंगाना के समर्थन में हिंसक आंदोलनों की शुरुआत हो गई है.

हैदराबाद सहित तेलंगाना क्षेत्र के कई इलाक़ों में तोड़फोड़ और हिंसा की ख़बरें मिल रही हैं. कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं.

अब तेलंगाना क्षेत्र से जीतकर आने वाले 93 विधायकों ने इस्तीफ़ें दे दिए हैं जबकि वहाँ के कम से कम 13 सांसदों ने इस्तीफ़े दे दिए हैं.

इन सांसदों में कांग्रेस के 12 में से 11 सांसद हैं. कांग्रेस के सिर्फ़ एक सांसद जयपाल रेड्डी ने इस्तीफ़ा नहीं दिया है क्योंकि वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव और उनकी पार्टी की एक और सांसद विजय शांति ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है.

इस बीच राज्यपाल एनडी तिवारी को हटाने और उनकी जगह केरल से ओमन चांडी को लाने की चर्चा चल रही है.

बुधवार की रात केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा की थी कि तेलंगाना राज्य के गठन के लिए सभी राजनीतिक दलों से फिर से विचार विमर्श किया जाएगा और सर्वसम्मति बनानी होगी.

इसके बाद से वहाँ तेलंगाना के लिए फिर से आंदोलन शुरु हो गया है.

इससे पहले भी तेलंगाना के लिए आंदोलन चल रहे थे और चंद्रशेखर राव आमरण अनशन पर थे. उनके अनशन के ग्यारहवें दिन केंद्र सरकार ने तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरु करने की घोषणा की थी और इसके बाद तेलंगाना राज्य के लिए चल रहा आंदोलन थम गया था.

लेकिन इसके बाद तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में आंदोलन शुरु हो गए थे और वहाँ के विधायकों ने इस्तीफ़े दे दिए थे.

इस्तीफ़े

जिन 93 विधायकों ने बुधवार की रात से लेकर गुरुवार को दोपहर तक इस्तीफ़े दिए हैं, उनमें कांग्रेस के 37, तेलुगुदेशम पार्टी के 39, टीआरएस के सभी 10, प्रजाराज्यम पार्टी के दो, भाजपा के दो और दो निर्दलीय हैं.

चंद्रशेखर राव ने अपने इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए कहा है कि तेलंगाना की जनता के साथ विश्वासघात किया गया है.

इस बीच दिल्ली में तेलंगाना से आने वाले कांग्रेस सांसदों ने एक बैठक करने के बाद इस्तीफ़ा देने की घोषणा की है.

इन सांसदों ने घोषणा की है कि वे तेलंगाना के मसले पर चर्चा करने के लिए सोनिया गांधी से मिलने जा रहे हैं.

48 घंटों का बंद

गृहमंत्री की घोषणा के बाद ही तेलंगाना क्षेत्र में 48 घंटों के बंद की घोषणा की गई है.

Image caption केंद्र के तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के आश्वासन के बाद चंद्रशेखर राव ने अपना 11 दिन पुराना अनशन तोड़ा था.

बुधवार रात से ही हैदराबाद, करीमनगर और मेढक ज़िलों के अलावा कई जगह हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

उस्मानिया और काकतिया विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन के बाद पुलिस का हस्तक्षेप करना पड़ा है.

दोनों ही जगहों से पुलिस और छात्रों के बीच झड़पों की ख़बरें हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया है.

जगह-जगह बसों को जलाया गया है. अधिकारियों के अनुसार कुल मिलाकर सौ से अधिक बसों को जलाया गया है.

कई जगह सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है और जगह-जगह आंध्रा बैंक पर हमले किए गए हैं.

बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं.

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