कोटा: मलबे में अब भी 35 फंसे हुए हैं

  • 25 दिसंबर 2009
 निर्माणाधीन पुल
Image caption ये पुल चबल नदी पर बनाया जा रहा है.

राजस्थान में कोटा से 15 किलोमीटर दूर कोटा-उदयपुर-कांडला राजमार्ग पर निर्माणाधीन पुल के गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है जबकि अब भी मलबे में 35 लोग फंसे हुए हैं.

कोटा के पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासित का कहना है कि बचाव कार्य जारी है और नदी में गिरने वाले लोगों को निकालने के लिए नौसेना के ग़ोताख़ोर को बुलाया गया है.

ये पुल चबल नदी पर बनाया जा रहा है.

राजीव दासित ने पुष्टि की कि मरने वालों की संख्या नौ हो गई है और अब भी 35 लोग फँसे हुए हैं.

हादसे के शिकार ज़्यादातर लोग प्रवासी मज़दूर हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से यहाँ काम करने पहुँचे थे.

पुलिस ने इस परियोजना के प्रमुख कोरियाई अधिकारी को गिरफ़्तार कर लिया है. वे हुंडई कंपनी के अधिकारी हैं.

हत्या का मामला दर्ज

इसके अलावा, परियोजना के भारतीय भागीदार गैमन इंडिया के अधिकारी को भी गिरफ़्तार किया गया है.

इन दोनों के ख़िलाफ़ आपराधिक लापरवाही और हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

राजीव दासित ने बीबीसी को बताया, "राजमार्ग 76 पर कोटा से 15 किलोमीटर दूर एक पुल का निर्माण हो रहा था. चबल नदी पर बनाए जा रहे इस पुल के गिरने से नौ लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जबकि 35 अन्य मलबे और पानी में फँसे हुए हैं."

ये घटना देर शाम हुई और इसके बाद प्रशासन ने सेना के एलर्ट कर दिया है.

सेना की मदद के अलावा रावटभाडा परमाणु केंद्र से बड़ी मशीनों की मदद ली जा रही है ताकि मलबे को हटाया जा सके और फँसे हुए लोगों के मलबे से निकाला जा सके.

चंबल नदी में चलने वाली नावों में से एक के मालिक रविंदर ने बीबीसी को बताया कि पुल का निर्माण नदी के ऊपर हो रहा था ताकि आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके. उनका भी कहना था कि कई लोग मलबे में फँसे हुए हैं.