झारखंड में बैठकें और जोड़तोड़

शिबू सोरेन
Image caption शिबू सोरेन ने साफ़ कहा है कि वह बेरोकटोक समर्थन ही स्वीकार करेंगे

झारखंड में सरकार के गठन के लिए बैठकों और जोड़तोड़ का सिलसिला शुक्रवार को रात भर चलता रहा और शनिवार को दिन भर भी इसके जारी रहने की संभावना है.

हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता शिबू सोरेन ने कह दिया है कि वे भाजपा और आजसू के साथ मिलकर सरकार बनाने को तैयार हैं, लेकिन अभी भाजपा की ओर से इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.

दूसरी ओर कांग्रेस ने अभी भी सरकार के गठन के प्रयास छोड़े नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि गत 23 दिसंबर को मतगणना के बाद झारखंड में किसी एक दल या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है और सरकार के गठन के लिए किसी भी गठबंधन को दूसरों को समर्थन देने या लेने की ज़रुरत पड़ेगी.

परिणामों के अनुसार कांग्रेस गठबंधन के पास 25 सीटें हैं, भाजपा गठबंधन के पास 20 सीटें हैं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 18, आजसू के पास पाँच और अन्य के पास 13 सीटें हैं.

बैठकों का दौर

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ शुक्रवार की रात राँची पहुँचे और इसके बाद बैठकों का सिलसिला शुरु हुआ जो लगभग पूरी रात जारी रहा.

अभी भाजपा को यह तय करना है कि उसे शिबू सोरेन को समर्थन देना है या नहीं.

शनिवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होनी है. इसमें समर्थन के मसले पर फ़ैसला होगा और साथ ही विधायक दल के नेता की भी.

इसके साथ ही, भाजपा के सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) की भी बैठक बुलाई गई है.

दोनों दलों की अलग-अलग बैठकों के बाद दोनों की एक साथ बैठक भी होनी है.

इस बीच कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल झारखंड विकास मोर्चा के नेता बाबूलाल मरांडी को दिल्ली बुलाया था और सरकार गठन की संभावनाओं पर उनसे चर्चा की है.

इस चर्चा से क्या निकला अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन यह साफ़ है कि कांग्रेस ने अभी हथियार नहीं डाले हैं और उनके सिरे पर भी प्रयास जारी है.

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