सरबजीत मामले में ओबामा से गुहार

  • 2 जनवरी 2010

पाकिस्तान में मौत की सज़ा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के परिवार ने अब अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मदद की गुहार लगाई है.

शनिवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सरबजीत सिंह की बहन दलवीर कौर, सरबजीत के पाकिस्तानी वकील उवैस शेख़ और सुप्रीम कोर्ट के वकील सूरत सिंह ने बराक ओबामा से अपील की कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके सरबजीत सिंह की ज़िंदगी बचा लें.

उन्होंने कहा कि जल्द ही वे अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा से संपर्क करने की कोशिश करेंगे.

सरबजीत सिंह को वर्ष 1990 में पाकिस्तान में हुए चार बम धमाकों के मामलों में दोषी पाया गया था और 1991 में फाँसी की सज़ा सुनाई गई थी.

वर्ष 2003 में सरबजीत ने सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की लेकिन लाहौर हाई कोर्ट ने फाँसी की सज़ा को सही ठहराया.

इसके बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2005 में इस फ़ैसले पर अपनी मुहर लगा दी थी.

याचिका

वर्ष 2008 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी उन्हे राहत दिए जाने की अर्ज़ी को ठुकरा दिया था.

पिछले साल यानी जुलाई 2009 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सज़ा के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई, जिसे ठुकरा दिया गया.

इसके बाद मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के पास याचिका भेजी गई, जो अभी लंबित है.

नई दिल्ली में शनिवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के वकील सूरत सिंह ने कहा कि वे अमरीकी सॉलिसिटर जनरल एलीना कगेन के माध्यम से सरबजीत सिंह का मामला राष्ट्रपति ओबामा के समक्ष रखेंगे.

उन्होंने दावा किया कि वे राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ पढ़े हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और ख़ासकर अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा से अपील की कि वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी पर नैतिक दबाव बनाएँ.

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