दागी पुलिसवालों के पदक होंगे वापस

  • 4 जनवरी 2010
रुचिका
Image caption रुचिका ने न्याय नहीं मिलने के बाद 17 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी.

बहुचर्चित रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा पुलिस के पूर्व महानिदेशक एसपीएस राठौर से उनका पुलिस पदक वापस लेने का फ़ैसला किया गया है.

रिपोर्टों के अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राठौड़ को दिया गया पदक वापस लेने की अनुशंसा की थी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम को भेजे गए पत्र में हुड्डा ने लिखा था कि राठौर ने छेड़छाड़ के काम से पुलिस बल और राज्य को लज्जित और अपमानित किया है.

इसके बाद केंद्रीय पुलिस पदक अवार्ड समिति की गृह मंत्रालय में बैठक हुई जिसमें उन सभी पुलिसकर्मियों के पदक वापस लेने की अनुशंसा की गई जिन्हें किसी भी आपराधिक मामले में सज़ा मिली हो.

राठौर को 1985 में उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक मिला था. पदक के लिए उनके नाम की सिफारिश ओम प्रकाश चौटाला सरकार ने की थी.

इससे पहले 21 दिसंबर को सीबीआई की एक अदालत ने राठौर को रुचिका के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में छह महीने कै़द की सज़ा सुनाई थी.

राठौर की पत्नी और वकील आभा राठौर ने हालांकि इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की है.

उधर रुचिका के परिवार के वकील पंकज भारद्वाज ने राठौर के ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दायर किए हैं और वो कोशिश कर रहे हैं कि उनके ख़िलाफ़ रुचिका को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का मामला चलाया जाए लेकिन इस मामले में एफ़आईआर दर्ज नहीं किया गया है.

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