'भारत हमलों को ज़्यादा तूल न दे'

  • 6 जनवरी 2010
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र
Image caption ऑस्ट्रेलिया मे भारतीय छात्रों ने हमलों के विरोध में कई बार प्रदर्शन किए हैं

ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि मेलबर्न विदेशियों के लिए सुरक्षित है और भारत सरकार भारतीय छात्रों पर हुए हमलों को ज़्यादा तूल नहीं दे.

ऑस्ट्रेलिया की उप प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा है कि उनका देश पूरी तरह से सुरक्षित है और दुनिया के बड़े बड़े शहरों में हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ``ये घटनाएं मेलबर्न में हो सकती हैं, मुंबई में हो सकती हैं, न्यूयॉर्क में हो सकती हैं, लंदन में हो सकती हैं.''

उन्होंने कहा कि भारत की तरफ़ से जो भी चेतावनी जारी की गई हो, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों का पहले की तरह ही स्वागत होगा.

मंगलवार को भारतीया विदेश मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे या वहां पढ़ने के लिए जा रहे छात्रो के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की स्थानीय पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद हिंसा की ये घटनाएँ बंद नहीं हो रही हैं और वहां सतर्क रहने की ज़रूरत पर बल दिया.

जवाब में ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी विदेश मंत्री ने बयान जारी करके कहा कि भारत इस मामले को ज़रूरत से ज़्यादा तूल दे रहा है.

उन्होंने कहा कि मेलबर्न विदेशियों के लिए सुरक्षित जगह है और जिस भारतीय छात्र की चाकू मारकर हत्या की गई उसमें इस बाद का कोई सबूत नहीं मिला है कि वो नस्लभेदी हमला था.

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अपने दिशानिर्देश में लिखा था कि ऑस्ट्रेलिया में, और विशेष तौर पर मेलबोर्न में हाल के वर्षों में भारतीयों के साथ लूट-पाट और मार-धाड़ की कई घटनाएँ हुई हैं जिनमें अधिकतर हमलावर युवा थे.

हिंसा की सबसे नई घटना दो जनवरी को मेलबोर्न में हुई जहाँ 21 वर्ष के एक भारतीय छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ. नितिन गर्ग नामक इस छात्र की इस हमले में मौत हो गई.

हमले के समय वह छात्र देर रात को एक रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद एक सार्वजनिक पार्क से गुज़र रहा था.

मंत्रालय का कहना है कि हालाँकि ऑस्ट्रेलिया में पढ़नेवाले और विशेष तौर पर विश्वविद्यालयों और नामी संस्थानों में पढ़नेवाले अधिकतर छात्रों का अनुभव अच्छा रहा है लेकिन हाल के समय में हिंसा और लूट-पाट घटनाओं में वृद्धि हुई है और ना केवल भारतीय छात्र बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय भी इससे प्रभावित हुए हैं.

दिशानिर्देश

विदेश मंत्रालय ने इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखकर छात्रों के लिए एहतियात बरतने संबंधी कई दिशानिर्देश जारी किए हैं जो इस प्रकार हैं –

- रात में अकेले यात्रा न करें.

- अकेले यात्रा करने की स्थिति में अपने मार्ग की पहचान पहले से कर लें और जहाँ तक संभव हो रोशन इलाक़ों और आबादी वाले इलाक़ों में रहें.

- ये ध्यान रखें कि आप कहाँ जा रहे हैं और कितने बजे तक लौटेंगे इसकी जानकारी किसी और व्यक्ति को भी रहे.

- आवश्यकता से अधिक नगद पैसे लेकर सफ़र नहीं करें.

- आईपॉड और लैपटॉप जैसे महँगे उपकरणों का अधिक प्रदर्शन नहीं करें.

- अपने साथ किसी तरह का पहचानपत्र और किसी आपात स्थिति में संपर्क कर सके जानेवाले व्यक्ति का नंबर आदि साथ रखें.

- ख़तरे की स्थिति में 000 नंबर दबाकर पुलिस को मदद के लिए बुलाएँ.

- किसी तरह की शिकायत होने पर भारतीय उच्चायोग या वाणिज्यिक दूतावास में छात्रों के कल्याण के लिए नियुक्त अधिकारी से संपर्क करें.

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