मुठभेड़ जारी, चरमपंथी घिरे

  • 7 जनवरी 2010
लालचौक में सुरक्षाबल
Image caption चरमपंथियों ने सुरक्षाबलों की बख़्तरबंद गाड़ी पर भी हमला किया

भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में आत्मघाती हमले के बाद सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच जारी मुठभेड़ में कम से कम एक सुरक्षाकर्मी के मारे जाने और नौ अन्य लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

लगभग दो सालों में श्रीनगर में पहली बार हुए इस हमले में चरमपंथियों ने गोलीबारी की है और हथगोले भी फेंके हैं.

स्थानीय संवाददाताओं का कहना है कि हताहत होने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या अधिक भी हो सकती है.

देर रात तक सुरक्षाकर्मियों ने एक होटल को घेर रखा है, जिसमें चरमपंथियों के छिपे होने का अनुमान है.

आसपास की इमारतों से लोगों को निकाल लिया गया है और इस होटल को सुरक्षाकर्मियों ने पूरी तरह से घेर लिया है.

अधिकारियों का कहना है कि सुबह से पहले अंतिम कार्रवाई होने की संभावना नहीं है.

हमला

Image caption प्रत्यक्षदर्शी संवाददाताओं का कहना है कि हताहत सुरक्षाकर्मियों की संख्या अधिक भी हो सकती है

पुलिस अधिकारियों के अनुसार चरमपंथियों ने बुधवार को दोपहर सबसे पहले सीआरपीएफ़ की एक चौकी पर हमला किया.

उन्होंने गोलीबारी की है और ग्रैनेड लॉन्चर से भी हमला किया है.

एक अधिकारी नलिन प्रभात ने बताया कि चरमपंथियों की संख्या दो या उससे अधिक हो सकती है.

उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने पूरे लालचौक इलाक़े को घेर लिया है और पंजाब होटल की उस इमारत को कँटीले तार से भी घेर दिया गया है जहाँ चरमपंथियों के छिपे होने के आसार हैं.

हालांकि आसपास की इमारतों से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस होटल में चरमपंथियों के अलावा और लोग फंसे हुए हैं या नहीं.

एक स्थानीय न्यूज़ एजेंसी सीएनएस के अनुसार जमयत उल मुजाहिदीन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

अफ़रातफ़री

हमला शुरु होने के बाद लालचौक इलाक़े में अफ़रातफ़री मच गई. लोगों को इस इलाक़े से निकाला गया है.

देर शाम तक कई दुकानें खुली हुई थीं और वाहन यहाँ वहाँ खड़े हुए थे क्योंकि लोग उन्हें छोड़कर चले गए थे.

अधिकारियों का कहना है कि सुबह होने से पहले कार्रवाई ख़त्म होने के आसार नहीं है.

दोपहर शुरु हुई इस मुठभेड़ में जो लोग घायल हुए हैं उनमें आम नागरिकों के अलावा एक पुलिसकर्मी और एक मीडिया चैनल का कैमरामैन भी है.

इस बीच स्थानीय लोगों ने कश्मीर की आज़ादी को लेकर नारेबाज़ी की है.

श्रीनगर में काफ़ी लंबे समय के बाद आत्मघाती हमला हुआ है.

यह हमला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर में अमन बरक़रार है.

हालांकि पिछले दो बरसों में ऐसी घटनाएँ नहीं हुई हैं लेकिन पिछले अगस्त के बाद से यहाँ छिटपुट चरमपंथी घटनाएँ होती रही हैं.

कुछ अधिकारियों का मानना है कि भारत प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी फिर से गोलबंद हो रहे हैं.

पाक प्रशासित कश्मीर में विस्फोट

उधर, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हुए एक बम धमाके में कम से कम तीन जवानों के मारे जाने की ख़बरें आ रही हैं.

पुलिस के मुताबिक बुधवार की सुबह सात बजे के आसपास हुए इस धमाके में कम से कम 10 लोग घायल हो गए हैं.

यह धमाका सेना के एक बैरक के पास हुआ है. पुलिस ने बताया है कि यह बैरक भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित नियंत्रण रेखा के क़रीब ही है.

तरार खल का यह इलाका पाकिस्तान द्वारा प्रशासित कश्मीर के हिस्से में आता है.

अधिकारियों ने बताया है कि घायलों और मृतकों को बैरक से निकालकर सेना के अस्पताल ले जाया गया है.

हालांकि अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है कि धमाके की क्या वजह थी.

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